चक्रवात 'मुरासु' का कहर: आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल, 1.60 लाख लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
चक्रवात 'मुरासु' का प्रभाव
नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न चक्रवात 'मुरासु' अब गंभीर स्थिति में पहुंच चुका है। आंध्र प्रदेश के तट पर इसकी लैंडफॉल प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इस तूफान के कारण आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा में भारी बारिश हो रही है। तेज हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरों के चलते कई जिलों में चेतावनी जारी की गई है। रेलवे और हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट के पास ओंगोल से लगभग 20 किलोमीटर दूर है।
लैंडफॉल प्रक्रिया और संभावित नुकसान
इसकी लैंडफॉल प्रक्रिया नेल्लोर और नरसापुर के बीच जारी रहने की संभावना है। इस दौरान हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि तेज झोंकों में यह 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। अगले 12 घंटों में दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अनुमान है। समुद्र में सामान्य स्तर से 1 से 1.5 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव का खतरा है। कोठापत्तनम समुद्र तट पर तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो चुकी है। पुडुचेरी में भी आधी रात से लगातार बारिश हो रही है।
यातायात पर असर
8 ट्रेनें और 19 उड़ानें रद्द
चक्रवात के कारण रेल और हवाई यातायात पर असर पड़ा है। ईस्ट कोस्ट रेलवे ने 3 और 4 नवंबर को आठ ट्रेनों को रद्द किया है। इनमें हावड़ा-कांताबांजी, राउरकेला-जगदलपुर, राउरकेला-पुरी और भुवनेश्वर-राउरकेला सहित दोनों दिशाओं की ट्रेनें शामिल हैं। यात्रियों को स्टेशन जाने से पहले ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी गई है। वहीं, विजयवाड़ा, तिरुपति और विशाखापत्तनम एयरपोर्ट से कुल 19 घरेलू उड़ानें रद्द हुई हैं। विजयवाड़ा में 12, विशाखापत्तनम में चार और तिरुपति में तीन उड़ानें प्रभावित हुईं। चेन्नई एयरपोर्ट पर भी कुछ उड़ानें रद्द की गई हैं।
ओडिशा में बचाव कार्य
1.60 लाख लोगों को सुरक्षित निकाला
चक्रवात के खतरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने पांच दक्षिणी जिलों से 1.60 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। गंजाम, गजपति, कोरापुट, रायगढ़ा, मलकानगिरी, कंधमाल, कालाहांडी और पुरी में भारी बारिश की चेतावनी है। प्रशासन ने 1,139 राहत शिविर तैयार किए हैं, जहां 3.33 लाख लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। राज्य में एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ और दमकल विभाग के 300 से अधिक बचाव दल तैनात किए गए हैं। तमिलनाडु ने आंध्र प्रदेश की मदद के लिए एनडीआरएफ की तीन टीमें और बिजली विभाग की 25 टीमें भेजी हैं। कर्नाटक ने भी 500 बिजलीकर्मियों और जरूरी मशीनों को रवाना किया है।
शिक्षण संस्थानों की स्थिति
चेन्नई समेत कई जिलों में स्कूल बंद
चक्रवात के कारण चेन्नई, तिरुवल्लुर, चेंगलपट्टू और कांचीपुरम समेत तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश हुई है। चेन्नई के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति है और स्कूल-कॉलेज बंद किए गए हैं। ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भी कई जगह शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखा गया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को सतर्क रहने और राहत कार्यों की तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। पूर्वी तट के राज्यों में प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।