चलती ट्रेन में गर्भवती महिला ने दिया बच्चे को जन्म, RPF की तत्परता से बची जान
नई दिल्ली में अद्भुत घटना
नई दिल्ली: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों और अन्य यात्रियों की त्वरित प्रतिक्रिया से एक गर्भवती महिला ने चलती ट्रेन में सुरक्षित रूप से बच्चे को जन्म दिया, जिससे दोनों की जान बच गई। यह घटना शनिवार शाम को पुणे-सुपौल एक्सप्रेस में हुई, जो पुणे रेलवे स्टेशन से निर्धारित समय पर रवाना हुई थी और बिहार के सुपौल जिले की ओर जा रही थी।
यात्रा के दौरान प्रसव पीड़ा
जनरल कोच में खचाखच भरे यात्रियों के बीच उत्तर प्रदेश की 28 वर्षीय रुखसाना खातून और उनके पति जमील बेलावर भी मौजूद थे। उन्हें पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर उतरना था, लेकिन जैसे ही ट्रेन अहिल्यानगर स्टेशन के पास पहुंची, रुखसाना को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
रेलवे की तत्परता
ट्रेन की तेज गति और जनरल डिब्बे की भीड़ के कारण इस जोड़े को तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। आपात स्थिति की जानकारी मिलते ही मध्य रेलवे ने तुरंत 'ऑपरेशन मातृशक्ति' शुरू किया।
RPF की सहायता
RPF कांस्टेबल सोमनाथ पाठाडे और हेड कांस्टेबल विश्वजीत काकडे बिना किसी देरी के जनरल कोच में पहुंचे। जैसे-जैसे रुखसाना की प्रसव पीड़ा बढ़ी, उसे डिब्बे से बाहर निकालना या अस्पताल पहुंचाना संभव नहीं रहा।
बच्चे का जन्म
RPF के जवानों ने अन्य महिला यात्रियों के साथ मिलकर ट्रेन के अंदर सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए एक सुरक्षित घेरा बनाया। इसके तुरंत बाद, रुखसाना ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। नवजात के रोने की आवाज सुनकर अन्य यात्रियों ने राहत और खुशी का अनुभव किया।
मां और बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति
ट्रेन के पहुंचने से पहले ही रेलवे अधिकारियों ने अहिल्यानगर स्टेशन के कर्मचारियों को सूचित कर दिया था और 108 एम्बुलेंस की व्यवस्था भी कर दी थी। ट्रेन रुकने के बाद, डॉक्टरों और एम्बुलेंस के कर्मचारियों ने मां और नवजात को एक सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में डॉक्टरों ने पुष्टि की कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।