चारधाम यात्रा की शुरुआत: पहले दिन 10,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
चारधाम यात्रा का शुभारंभ
उत्तराखंड: 19 अप्रैल, रविवार से उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का आगाज हो गया है। मां गंगा की डोली अपने शीतकालीन निवास मुखबा से गंगोत्री और मां यमुना की डोली खरसाली से यमुनोत्री पहुंच गई है। इसके साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है।
यमुनोत्री और गंगोत्री धाम की यात्रा के पहले दिन बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए। पहले दिन के आंकड़े श्रद्धालुओं के उत्साह और धामों में की गई व्यवस्थाओं को दर्शाते हैं।
उत्तरकाशी के जिला सूचना अधिकारी के अनुसार, पहले दिन यमुनोत्री धाम में 8,200 और गंगोत्री धाम में 1,600 श्रद्धालुओं ने दर्शन का लाभ उठाया। दोनों धामों में कुल 9,800 तीर्थयात्री पहुंचे, जिनमें 5,503 पुरुष, 4,033 महिलाएं और 264 बच्चे शामिल थे।
मुख्य तीर्थयात्रियों के अलावा, स्थानीय श्रद्धालुओं और देव डोलियों ने भी धामों में सक्रिय भागीदारी दिखाई। गंगोत्री धाम में 1,450 और यमुनोत्री धाम में 1,350 स्थानीय श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
अब श्रद्धालुओं को केदारनाथ और बदरीनाथ धामों के कपाट खुलने का इंतजार है। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को और बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे। इसके बाद उत्तराखंड की चारधाम यात्रा पूरी तरह से आरंभ हो जाएगी। केदारनाथ धाम रुद्रप्रयाग जिले में और बदरीनाथ धाम चमोली जिले में स्थित है।
गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा शुरू हो गई है, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं को मौसम का अलग अनुभव मिल रहा है। गंगोत्री धाम का तापमान माइनस में है, जहां अधिकतम तापमान -1° सेल्सियस और न्यूनतम तापमान -12° सेल्सियस है।
यमुनोत्री धाम में भी कड़क ठंड है, जहां अधिकतम तापमान 3° सेल्सियस और न्यूनतम तापमान -4° सेल्सियस है। केदारनाथ धाम का तापमान सबसे ठंडा है, जहां अधिकतम तापमान -2° सेल्सियस और न्यूनतम तापमान -10° सेल्सियस है। बदरीनाथ धाम में भी तापमान माइनस में है, जहां अधिकतम तापमान 2° सेल्सियस और न्यूनतम तापमान -8° सेल्सियस है।