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चारमीनार एक्सप्रेस में आग: यात्रियों में मची अफरा-तफरी, जानें पूरी घटना

तेलंगाना के यदाद्री भुवनगिरी जिले में चारमीनार एक्सप्रेस के एक कोच में आग लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय ट्रेन की गति धीमी थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग लगने के कारणों की जांच जारी है, और राहत की बात यह है कि किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। जानें इस घटना के बारे में विस्तार से।
 

नई दिल्ली में चारमीनार एक्सप्रेस में आग लगने की घटना


नई दिल्ली: तेलंगाना के यदाद्री भुवनगिरी जिले में चारमीनार एक्सप्रेस के एक कोच में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। यह घटना अलेर रेलवे स्टेशन के निकट हुई, जहां एक डिब्बे से धुआं निकलता दिखाई दिया और कुछ ही समय में आग की लपटें कोच को घेरने लगीं।


घटना के समय ट्रेन की गति कम थी

इस घटना के दौरान ट्रेन की गति धीमी होने के कारण बड़ा हादसा टल गया। आग लगने की सूचना फैलते ही यात्री घबराकर बाहर निकलने लगे। राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी यात्री के हताहत होने की खबर नहीं है।


एस-5 कोच में आग की शुरुआत

प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, आग एस-5 कोच में लगी थी। अचानक उठती लपटों ने पूरे डिब्बे को घेर लिया, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए तुरंत बाहर निकलने लगे।


धुएं से आग की लपटों में तब्दील हुआ दृश्य

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि पहले कोच से धुआं निकलता है और फिर कुछ ही क्षणों में खिड़कियों से आग की लपटें बाहर आने लगती हैं। देखते ही देखते पूरा डिब्बा भट्ठी की तरह जलने लगा।


आपात स्थिति में ट्रेन रोकी गई

घटना के दौरान कुछ यात्रियों ने आपात स्थिति में चेन खींच दी, जिससे ट्रेन रुक गई। हालांकि, कई यात्री ट्रेन के रुकने से पहले ही खिड़कियों से बाहर कूद गए। गनीमत रही कि ट्रेन की गति धीमी थी, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।


आग लगने के कारणों की जांच जारी

आग लगने के कारणों की जांच अभी चल रही है। रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पा लिया। प्रारंभिक आशंका है कि यह हादसा शॉर्ट सर्किट के कारण हो सकता है।


यात्रियों में दहशत का माहौल

कोच में धुआं फैलते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे, जबकि कुछ ने जान बचाने के लिए खिड़कियों से छलांग लगा दी। ट्रेन की धीमी गति और स्टेशन के निकट होने के कारण स्थिति जल्दी काबू में आ गई और आग अन्य कोचों तक नहीं फैल सकी।