चितकारा यूनिवर्सिटी की मेज़बानी में बाहा SAE इंडिया 2027 का वर्चुअल राउंड
बाहा एस.ए.ई. इंडिया 2027 का आयोजन
17 से 19 जुलाई तक 186 टीमों के बीच होगा मुकाबला
चंडीगढ़: चितकारा यूनिवर्सिटी ने बाहा एस.ए.ई. इंडिया आयोजन समिति के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया, जिसमें ऑटोमोबाइल उद्योग के विशेषज्ञ भी शामिल हुए। इस बैठक का उद्देश्य अनुभवात्मक शिक्षा और उद्योग-समेकित इंजीनियरिंग शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराना था।
बैठक में बाहा एस.ए.ई. इंडिया आयोजन समिति के चेयरमैन बलराज सुब्रमण्यम, मानद सचिव जतिन गर्ग, और अन्य वरिष्ठ विशेषज्ञ शामिल हुए। चितकारा यूनिवर्सिटी की ओर से डॉ. मधु चितकारा, कुलपति डॉ. संधीर शर्मा और रजिस्ट्रार डॉ. राकेश शर्मा ने भाग लिया।
स्वागत भाषण में बलराज सुब्रमण्यम ने बताया कि बाहा एस.ए.ई. इंडिया ने वर्षों से प्रायोगिक शिक्षा के माध्यम से इंजीनियरिंग छात्रों की प्रतिभा को निखारने का कार्य किया है। कुलपति डॉ. संधीर शर्मा ने कहा कि छात्रों को उभरती तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग आवश्यक है।
बैठक में बाहा एस.ए.ई. इंडिया की यात्रा और उपलब्धियों पर चर्चा की गई। यह प्रतियोगिता अब देश के प्रमुख अनुभवात्मक शिक्षण मंचों में से एक मानी जाती है। इसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल, मैकेनिकल बाहा, ऑटोनॉमस बाहा और हाइड्रोजन बाहा जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं, जो छात्रों को भविष्य की मोबिलिटी तकनीकों पर व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती हैं।
बाहा एस.ए.ई. इंडिया 2027 में भाग लेने वाले छात्र सिंगल-सीटर ऑल-टेरेन वाहनों की अवधारणा से लेकर उनकी डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग विश्लेषण, निर्माण और परीक्षण तक की प्रक्रिया को पूरा करेंगे। इसके बाद वाहनों का स्थिर और गतिशील परीक्षण किया जाएगा, जिसमें इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, नवाचार, सुरक्षा और प्रदर्शन का मूल्यांकन होगा। इस बार कुल 186 टीमों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें 102 ई-बाहा, 26 एच-बाहा और 58 एम-बाहा टीमें शामिल हैं।
प्रतियोगिता के दौरान ऑटोमोबाइल विषय पर आधारित एक तकनीकी क्विज भी आयोजित की जाएगी। ई-बाहा, एम-बाहा और बाहा एस.ए.ई. इंडिया 2027 का वर्चुअल राउंड 17 से 19 जुलाई, 2026 तक चितकारा यूनिवर्सिटी, पंजाब कैंपस में होगा। डिजिटल इंजीनियरिंग टूल्स और सिमुलेशन के माध्यम से टीमों के वाहन डिजाइन और नवाचार का मूल्यांकन किया जाएगा।
डॉ. मधु चितकारा ने कहा कि चितकारा यूनिवर्सिटी का बाहा एस.ए.ई. इंडिया के साथ जुड़ाव छात्रों को कक्षा में सीखी गई अवधारणाओं को व्यवहारिक नवाचार में बदलने का अवसर प्रदान करता है। इससे उनकी तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और समस्या समाधान कौशल का विकास होता है।
बैठक में उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा की गई, ताकि इंजीनियरिंग शिक्षा को ऑटोमोबाइल और भविष्य की मोबिलिटी इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों के अनुरूप बनाया जा सके।