चीन की नई मैगलेव ट्रेन: 1000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा का नया युग
चीन की तेज रफ्तार ट्रेन का परीक्षण
नई दिल्ली: क्या आपने कभी सोचा है कि कोई ट्रेन हवाई जहाज से भी तेज चल सकती है? हाल ही में सोशल मीडिया पर चीन की एक अद्भुत ट्रेन का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें इसकी रफ्तार 1000 किलोमीटर प्रति घंटे बताई जा रही है। यह ट्रेन मैग्नेटिक लेविटेशन (मैगलेव) तकनीक का उपयोग करती है और वैक्यूम ट्यूब के अंदर इतनी तेज गति से चलती है कि 200 किलोमीटर की दूरी कुछ ही मिनटों में तय कर ली जाती है। इस मेगा प्रोजेक्ट ने वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है।
बीजिंग से शंघाई का सफर मात्र 90 मिनट में
ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, यह एक अल्ट्रा-हाई-स्पीड लो वैक्यूम ट्यूब मैगलेव ट्रांसपोर्ट सिस्टम है। इसकी अधिकतम गति 1000 किलोमीटर प्रति घंटे होगी। जब यह ट्रेन पूरी गति से चलेगी, तो बीजिंग से शंघाई के बीच की लगभग 1200 किलोमीटर की दूरी केवल 90 मिनट में तय की जा सकेगी। भारतीय संदर्भ में, यह ट्रेन दिल्ली से पटना का सफर मात्र एक घंटे में पूरा कर लेगी।
सुपरफास्ट 5G इंटरनेट की सुविधा
इस ट्रेन की विशेषता केवल इसकी रफ्तार नहीं है, बल्कि इसमें उपलब्ध हाई-टेक सुविधाएं भी हैं। 1000 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने के बावजूद, यात्री अपने स्मार्टफोन पर बिना किसी रुकावट के अल्ट्रा-हाई-डेफिनिशन (HD) वीडियो देख सकते हैं और ऑनलाइन गेमिंग का आनंद ले सकते हैं। ट्रेन में सुपरफास्ट 5G इंटरनेट सेवा भी सुचारू रूप से कार्य करेगी। इसके अलावा, चीन की योजना भविष्य में इस ट्रेन की गति को 4000 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ाने की है।
2027 तक आम जनता के लिए उपलब्ध होने की संभावना
चीन की इस 1000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली मैगलेव ट्रेन के 2027 से 2035 के बीच पूरी तरह से चालू होने की उम्मीद है। हाल ही में चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CASIC) ने उत्तर चीन के शांसी प्रांत के डाटोंग शहर में इस ट्रेन का सफल परीक्षण किया था। इसके लिए दो किलोमीटर लंबी पाइपलाइन में वैक्यूम क्रिएट करके सुपरकंडक्टिंग मैगलेव टेस्ट लाइन बनाई गई थी। चीन पहले से ही हाई-स्पीड ट्रेनों के मामले में विश्व में अग्रणी है, जहां 600 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड वाली बुलेट ट्रेनें पहले से चल रही हैं।