चीन ने अमेरिका के व्यापारिक प्रतिबंधों का दिया जवाब, छह कंपनियों को किया ब्लैकलिस्ट
चीन का आर्थिक कदम
बीजिंग ने अमेरिका द्वारा लगाए गए नए व्यापारिक प्रतिबंधों और अतिरिक्त टैरिफ के जवाब में एक महत्वपूर्ण आर्थिक कदम उठाया है। चीन ने छह अमेरिकी कंपनियों को अपनी प्रतिबंधित सूची में शामिल किया है और ड्रोन, उनके महत्वपूर्ण पुर्जों और संबंधित तकनीक के निर्यात पर नियंत्रण को सख्त कर दिया है।
चीन का आधिकारिक बयान
चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की नई व्यापारिक नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर की गई कार्रवाइयों ने चीन के वैध अधिकारों और आर्थिक हितों को नुकसान पहुँचाया है। इसीलिए, बीजिंग ने जवाबी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
निर्यात नियंत्रण में सख्ती
मंत्रालय के अनुसार, चीन अब अमेरिका को ड्रोन और उससे संबंधित संवेदनशील तकनीकों के निर्यात की निगरानी को और मजबूत करेगा। चीन का कहना है कि यह कदम अपने राष्ट्रीय हितों और व्यापारिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक है।
ब्लैकलिस्ट की गई कंपनियां
चीन ने जिन छह अमेरिकी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया है, उनमें भू-विज्ञान अनुसंधान और जैव-प्रौद्योगिकी से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने चीन के शिनजियांग क्षेत्र से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंधों का समर्थन किया और ऐसी गतिविधियों में भाग लिया जो चीन के हितों के खिलाफ मानी गईं।
व्यापारिक तनाव का बढ़ता स्तर
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अमेरिका ने चीन समेत कई देशों के उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है। चीन का आरोप है कि अमेरिका व्यापार घाटे का हवाला देकर एकतरफा और अनुचित निर्णय ले रहा है, जिससे वैश्विक व्यापार व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
उइगर मुद्दे पर टकराव
चीन ने यह भी कहा कि प्रतिबंधित कंपनियां शिनजियांग से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंधों को लागू करने में मदद कर रही थीं। संयुक्त राष्ट्र और कई मानवाधिकार संगठनों ने पहले भी शिनजियांग में उइगर मुस्लिम समुदाय के साथ कथित मानवाधिकार उल्लंघनों पर चिंता जताई है, लेकिन चीन लगातार इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
वैश्विक व्यापार पर प्रभाव
अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापारिक और रणनीतिक तनाव के बीच, दोनों देशों की यह नई कार्रवाई वैश्विक बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी प्रभाव डाल सकती है।