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चीन ने कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों पर भारी टैक्स लगाया, प्रजनन दर बढ़ाने की कोशिश

चीन ने अपनी घटती जनसंख्या और गिरती प्रजनन दर को देखते हुए कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों पर भारी टैक्स लगाया है। इस कदम का उद्देश्य लोगों को बिना सुरक्षा के संबंध बनाने के लिए प्रेरित करना है। सरकार ने 1 जनवरी से 13% वैट लागू किया है, जिससे इन उत्पादों की कीमतें बढ़ गई हैं। इसके साथ ही, बच्चे पैदा करने वाले परिवारों को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। जानें इस नीति के पीछे की वजहें और चीन की जनसंख्या संकट से निपटने की कोशिशें।
 

चीन की नई नीति

बीजिंग: घटती जनसंख्या और कम होती प्रजनन दर से चिंतित चीन ने एक अनोखा कदम उठाया है। चीनी सरकार अब युवाओं और दांपत्य जोड़ों को बिना कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों के शारीरिक संबंध बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए, सरकार ने जनवरी से कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों पर भारी टैक्स लगा दिया है। इसका उद्देश्य यह है कि महंगे होने के कारण लोग इनका उपयोग कम करें, जिससे जन्म दर में वृद्धि हो सके।


नया टैक्स और प्रजनन दर

1 जनवरी से लागू हुआ 13% वैट


एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन उन एशियाई देशों में शामिल हो गया है जिनकी प्रजनन दर बेहद कम है। चीन का लक्ष्य अपनी मौजूदा प्रजनन दर (1.0 बच्चे प्रति महिला) को दोगुना करना है। इसी के तहत, बीजिंग ने कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों पर 1 जनवरी से 13 प्रतिशत वैट लागू किया है। इसके विपरीत, चाइल्ड केयर और वैवाहिक सेवाओं को टैक्स-फ्री रखा गया है।


महंगाई के जरिए परिवार नियोजन पर अंकुश

नए टैक्स के लागू होने के बाद, चीन में गर्भनिरोधक उत्पादों की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। अब एक पैकेट कंडोम की कीमत लगभग 50 युआन (करीब 7 अमेरिकी डॉलर) हो गई है, जबकि एक महीने की गर्भनिरोधक गोलियों की औसत कीमत लगभग 130 युआन (19 अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह टैक्स सरकार का एक सख्त संदेश है।


बच्चे पैदा करने पर आर्थिक सहायता

चीन सरकार केवल टैक्स बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह बच्चे पैदा करने वाले परिवारों को आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रही है। पिछले साल, राष्ट्रीय चाइल्ड केयर कार्यक्रम के लिए 90 अरब युआन (लगभग 12.7 अरब अमेरिकी डॉलर) का बजट आवंटित किया गया था। इसके तहत, तीन साल या उससे कम उम्र के हर बच्चे के लिए परिवारों को एक बार में लगभग 3,600 युआन (500 अमेरिकी डॉलर से अधिक) का भुगतान किया जाता है।


पुरानी नीतियों का प्रभाव

चीन में गिरती जन्म दर के पीछे उसकी पुरानी नीतियां जिम्मेदार हैं। 1960 के दशक में प्रजनन दर 7.0 से अधिक थी, लेकिन वन-चाइल्ड पॉलिसी के कारण यह 2015 में घटकर 1.5 रह गई। इसके बाद सरकार ने 2015 में 'दो-बच्चा नीति' और मई 2021 में 'तीन-बच्चा नीति' लागू की। हालांकि, प्रजनन दर में गिरावट जारी रही। 2021 में यह 1.2 थी, जो 2024 में 1.0 पर आ गई है। अब चीन सामाजिक बदलावों और टैक्स जैसे उपायों के जरिए इसे सुधारने की कोशिश कर रहा है।