चीन ने भारत के साथ रिश्तों में सुधार की ओर बढ़ाया कदम
बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री का बड़ा बयान
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच, चीन ने भारत के साथ अपने रिश्तों को सुधारने का संकेत दिया है। बीजिंग में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी के रूप में नहीं, बल्कि साझेदार के रूप में देखना चाहिए।
भारत को महत्वपूर्ण पड़ोसी मानते हुए
वांग यी ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए भारत को एक महत्वपूर्ण पड़ोसी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश ग्लोबल साउथ के महत्वपूर्ण सदस्य हैं, जिनके बीच सांस्कृतिक संबंध गहरे हैं और साझा हित भी व्यापक हैं। यह बयान चीन की ओर से भारत के साथ कूटनीतिक संबंधों को सुधारने की कोशिश का संकेत है।
भारत-चीन संबंधों को सुधारने के चार सूत्र
वांग यी ने भारत-चीन संबंधों को बेहतर बनाने के लिए चार सूत्र साझा किए। पहले, उन्होंने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे को खतरे के बजाय विकास के अवसर के रूप में देखना चाहिए। दूसरे, सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। तीसरे, उन्होंने ब्रिक्स की अध्यक्षता में एक-दूसरे का समर्थन करने की अपील की। अंत में, उन्होंने सभी बाधाओं को दूर करने की बात की ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक जिम्मेदार भूमिका निभाई जा सके।
आपसी सहयोग से एशिया का विकास
चीन ने स्पष्ट किया है कि आपसी विश्वास और सहयोग ही साझा विकास के लिए आवश्यक हैं। वांग यी ने कहा कि विभाजन और टकराव से एशिया का पुनरुत्थान संभव नहीं है, इसलिए भारत को दुश्मन नहीं, बल्कि मित्र बनाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच तियानजिन में हुई मुलाकात का भी उल्लेख किया।