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चीन-पाकिस्तान की गुप्त बैठक: भारत के खिलाफ नई साजिश का खुलासा

चीन और पाकिस्तान ने नेपाल में एक गुप्त बैठक आयोजित की, जिसमें भारत के खिलाफ नई साजिश की योजना बनाई गई। इस बैठक में दोनों देशों के उच्च अधिकारी शामिल थे, और नेपाल को भी इस साजिश में शामिल किया गया है। चीन अरुणाचल प्रदेश को निशाना बनाने की योजना बना रहा है। जानें इस बैठक के पीछे की पूरी कहानी और भारत की प्रतिक्रिया।
 

नेपाल में हुई गुप्त बैठक, भारत सतर्क


नेपाल में हुई दोनों देशों के अधिकारियों की गुप्त बैठक, भारत अलर्ट


भारत को एक बार फिर से अपने पड़ोसी देशों से खतरे का एहसास हो रहा है। हाल ही में भारत को मिली जानकारी के अनुसार, चीन और पाकिस्तान एक बार फिर से भारत के खिलाफ एक बड़ी साजिश की योजना बना रहे हैं। इस बार उन्होंने नेपाल की भूमि का उपयोग किया है।


खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, 16 फरवरी को नेपाल की राजधानी काठमांडू के बालुवाटार में पाकिस्तान और चीन के अधिकारियों की एक गुप्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दोनों देशों के उच्च अधिकारी शामिल थे, जिसमें नेपाल स्थित पाकिस्तान दूतावास के डिफेंस अटैची कर्नल हफीज उर रहमान भी शामिल थे।


नेपाल को साजिश में शामिल किया जा रहा है

सूत्रों के अनुसार, चीन और पाकिस्तान इस बार नेपाल को भी भारत के खिलाफ साजिश में शामिल कर रहे हैं। चीन अरुणाचल प्रदेश को निशाना बनाने की योजना बना रहा है। इसके लिए नेपाल के स्थानीय पत्रकारों और समाजसेवियों को चिन्हित किया गया है।


बैठक में पाकिस्तान और चीन के सात प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया। यह बैठक लगभग पौने दो घंटे तक चली, जिसमें अरुणाचल प्रदेश को अस्थिर करने के लिए योजनाएं बनाई गईं। यह बैठक 20 फरवरी को अरुणाचल प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर माहौल बिगाड़ने के उद्देश्य से की गई थी।


योजना का क्रियान्वयन

इस योजना के तहत नेपाल के उन व्यक्तियों का चयन किया गया है, जिन्होंने पिछले दो वर्षों में चीन के विभिन्न हिस्सों की यात्रा की है। इनमें से कुछ व्यक्तियों को भारत भेजा जाएगा, और 14 लोगों को नॉर्थ ईस्ट में जानकारी इकट्ठा करने के लिए भेजने की योजना बनाई जा रही है।


केंद्रीय खुफिया एजेंसी को मिले इनपुट के अनुसार, इस पूरी योजना के पीछे चीन के चेंगदू स्थित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के कुछ अधिकारियों की साजिश है। दिसंबर 2024 से, चीन ने नेपाल के ललितपुर और कीर्तिपुर में अपने सांस्कृतिक कार्यक्रमों और धरोहरों के प्रचार के लिए केंद्र स्थापित किए हैं।


अतिरिक्त जानकारी

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