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चुनाव आयोग का नया निर्देश: मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया सरल

चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए नया निर्देश जारी किया है। अब जिनके नाम एसआईआर में कट गए हैं, वे फॉर्म छह भरकर अपने नाम को दोबारा जोड़ सकते हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहले से रजिस्टर्ड मतदाताओं को कोई कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। जानें इस नए नियम के बारे में और अधिक जानकारी।
 

मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में बदलाव


नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान नाम कटने और फिर से जोड़ने के संबंध में चल रही उलझनों को सुलझाने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन व्यक्तियों के नाम एसआईआर में कट गए हैं, वे फॉर्म छह भरकर अपने नाम को दोबारा जोड़ सकते हैं। यह फॉर्म उन लोगों के लिए है जो पहली बार मतदाता बनना चाहते हैं।


चुनाव आयोग ने मंगलवार को सभी राज्यों के चुनाव अधिकारियों को एक पत्र भेजकर बताया कि जिन मतदाताओं का नाम एसआईआर की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, वे फॉर्म छह भरकर पुनः नाम जोड़ सकते हैं, चाहे वे पहले से रजिस्टर्ड मतदाता क्यों न हों। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे मतदाताओं के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।


आयोग ने यह भी स्वीकार किया कि कई लोगों को यह डर था कि फॉर्म छह में यह लिखना होगा कि ‘मेरा नाम पहली बार वोटर लिस्ट में जोड़ा जा रहा है’। इससे पहले से रजिस्टर्ड मतदाता को यह लगता था कि यह झूठा शपथ पत्र होगा और जन प्रतिनिधित्व कानून 1950 की धारा 31 के तहत उन पर झूठा बयान देने का मामला चल सकता है। अब चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी का नाम पहले मतदाता सूची में था और एसआईआर के बाद जारी होने वाली मसौदा मतदाता सूची में उसका नाम नहीं है, तो वह फॉर्म छह भरकर अपने नाम को जोड़ सकता है।