चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में अधिकारियों के तबादले के निर्देश जारी किए
चुनावों की तैयारी में अधिकारियों के तबादले
नई दिल्ली - चुनाव आयोग ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत उत्तर प्रदेश, पंजाब और अन्य चार राज्यों में सरकारी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के तबादले के लिए निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की तैनाती उनके गृह जिलों या उन स्थानों पर नहीं होनी चाहिए, जहां वे लंबे समय से कार्यरत हैं।
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड के मुख्य सचिवों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा। आयोग ने अपने तबादला नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है, ताकि चुनाव के दौरान निष्पक्षता बनी रहे। आयोग के अनुसार, गोवा विधानसभा का कार्यकाल 14 मार्च 2027, मणिपुर का 13 मार्च, पंजाब का 16 मार्च, उत्तराखंड का 28 मार्च और उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 तक है।
चुनाव आयोग ने कहा कि तबादले की नीति में मंडलायुक्त, नगर आयुक्त, निषेध एवं आबकारी विभाग के अधिकारी और परिवहन विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे। पुलिस विभाग में रेंज एडीजी, आईजी, अतिरिक्त आईजी, पुलिस आयुक्त, डीआईजी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, राज्य सशस्त्र पुलिस के कमांडेंट, एसएसपी, एसपी, संयुक्त पुलिस आयुक्त, डीसीपी, एसीपी, अतिरिक्त एसपी, उपमंडल स्तर के पुलिस प्रमुख, इंस्पेक्टर, रिजर्व इंस्पेक्टर और उनके समकक्ष रैंक के अधिकारी भी इन निर्देशों के दायरे में आएंगे।
आयोग ने स्पष्ट किया कि यह नियम उन पुलिस अधिकारियों पर लागू होंगे, जो चुनाव के दौरान जिलों में सुरक्षा व्यवस्था या पुलिस बलों की तैनाती के लिए जिम्मेदार होते हैं। निर्वाचन आयोग ने अपने पत्र में संबंधित अधिकारियों और राज्य सरकारों के विभागों को निर्देशों की जानकारी देने और उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
आयोग ने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) या संबंधित जिला अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है, वे अपने स्थान पर किसी नए अधिकारी की नियुक्ति का इंतजार किए बिना तुरंत कार्यभार सौंप दें। निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि नए आदेश के दायरे में आने वाले सभी अधिकारियों के तबादले और तैनाती की प्रक्रिया पूरी की जाए। साथ ही, संबंधित विभागों से कार्रवाई का विवरण प्राप्त करने के बाद मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को अनुपालन रिपोर्ट 30 नवंबर तक आयोग को सौंपनी होगी।