छतरपुर गोलीकांड में शालिग्राम गर्ग को हाई कोर्ट से मिली जमानत
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का निर्णय
मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने छतरपुर गोलीकांड के मामले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग उर्फ छोटे सरकार को राहत प्रदान की है। जबलपुर में स्थित हाई कोर्ट की एकलपीठ ने उनकी जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये के निजी लिखित प्रतिज्ञा-पत्र पर जमानत देने का आदेश दिया है।
मामले का विवरण
यह मामला छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र में जुलाई 2026 में हुए एक विवाद से संबंधित है। पुलिस के अनुसार, शालिग्राम गर्ग पर मोतीलाल कुशवाहा पर जानलेवा हमला करने और फायरिंग करने का आरोप है। पुलिस ने उन्हें 15 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद, शालिग्राम गर्ग ने जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत के लिए आवेदन किया था, लेकिन 31 अगस्त 2026 को उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
हाई कोर्ट की सुनवाई
हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। बचाव पक्ष ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि शालिग्राम गर्ग को पुरानी रंजिश और राजनीतिक दबाव के कारण फंसाया गया है। अदालत ने सभी दलीलें सुनने के बाद उनकी जमानत याचिका को मंजूर कर दिया। कोर्ट के आदेश के बाद, 50 हजार रुपये के निजी लिखित प्रतिज्ञा-पत्र पर उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। रिपोर्टों के अनुसार, जमानत के साथ उन्हें ट्रायल में सहयोग करने की शर्त भी दी गई है।
आगे की प्रक्रिया
हालांकि, जमानत का मिलना आरोपों से बरी होना नहीं है। छतरपुर गोलीकांड से जुड़े आरोपों पर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, और इस मामले का अंतिम निर्णय ट्रायल के दौरान ही होगा।