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छत्तीसगढ़ में अजगर को घसीटने का वीडियो वायरल, वन विभाग ने शुरू की जांच

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक युवक द्वारा अजगर को बाइक से घसीटने का वीडियो वायरल हो गया है, जिससे पशु प्रेमियों में आक्रोश फैल गया है। वन विभाग ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है। युवक का कहना है कि उसने अजगर को जंगल में छोड़ने का प्रयास किया था, लेकिन इस तरह का व्यवहार अमानवीय है। वहीं, बुलंदशहर में भी एक अद्भुत घटना में ग्रामीणों ने 15 फुट लंबे अजगर को नंगे हाथों से पकड़ लिया। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
 

छत्तीसगढ़ में अजगर को घसीटने की घटना

छत्तीसगढ़ के कांकेर में अजगर को घसीटने का मामला: कांकेर जिले से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक युवक एक विशाल अजगर को रस्सी से बांधकर अपनी बाइक से सड़क पर खींचता हुआ नजर आ रहा है। यह वीडियो न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि पशु प्रेमियों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के बीच भारी आक्रोश का कारण बन गया है।


वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि युवक ने अजगर को रस्सी से बांधकर बेरहमी से बाइक के पीछे खींचा। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, कई यूजर्स ने इसे पशु क्रूरता का एक स्पष्ट उदाहरण बताया और स्थानीय प्रशासन तथा वन विभाग से त्वरित कार्रवाई की मांग की। यह वीडियो एक अन्य वाहन द्वारा रिकॉर्ड किया गया था, जिसके बाद यह तेजी से फैल गया।



वन विभाग ने शुरू की जांच


वन विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच का आदेश दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना जंगल के निकटवर्ती क्षेत्र में हुई, जहां अजगर को देखा गया था। युवक का कहना है कि उसने अजगर को गांव से दूर जंगल में छोड़ने का प्रयास किया ताकि वह किसी को नुकसान न पहुंचाए। हालांकि, जानवरों के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल अमानवीय है, बल्कि यह भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन भी है। वन विभाग अब इस मामले में दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की योजना बना रहा है।


बुलंदशहर में अजगर को पकड़ने की घटना


वहीं, उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के जहांगीराबा क्षेत्र में भी एक अद्भुत घटना सामने आई है। यहां के ग्रामीणों और बच्चों ने मिलकर 15 फुट लंबे अजगर को नंगे हाथों से पकड़ लिया। इस घटना का सबसे रोमांचक दृश्य तब देखने को मिला जब बच्चे ने इस अजगर को बुलंदशहर-अनूपशहर रोड पर लगभग 3 किलोमीटर तक अपने हाथों में उठाकर ले गए। इस दौरान न तो वन विभाग को सूचित किया गया और न ही किसी अधिकारी को इसकी जानकारी दी गई। बाद में, अजगर को जंगल में छोड़ दिया गया।