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छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में चार जवान शहीद, सुरक्षा बलों की चुनौतियाँ जारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के हमले में चार जवान शहीद हो गए हैं, जिससे सुरक्षा बलों की चुनौतियाँ और बढ़ गई हैं। शनिवार को कांकेर-नारायणपुर सीमा पर हुए आईईडी विस्फोट ने सुरक्षा बलों की सर्च ऑपरेशन को प्रभावित किया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। इस घटना ने नक्सलवाद के खिलाफ चल रही मुहिम की गंभीरता को उजागर किया है।
 

नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की मुहिम

रायपुर। देश को नक्सल मुक्त घोषित करने के बावजूद सुरक्षा बलों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। नक्सलियों द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंगों की सफाई में कठिनाई आ रही है। शनिवार को छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर सीमा पर एक आईईडी विस्फोट में चार जवान शहीद हो गए। सुरक्षा बल शनिवार सुबह कोरोसकोडा के जंगल में सर्च ऑपरेशन के लिए निकले थे। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी को निष्क्रिय करते समय एक जोरदार धमाका हुआ।


यह घटना छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में हुई। धमाका इतना तेज था कि इसके प्रभाव से कई जवान घायल हो गए। घायल जवानों को तुरंत वहां से निकाला गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण तीन जवानों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। एक अन्य घायल जवान परमानंद कोर्राम को बेहतर चिकित्सा के लिए रायपुर एयरलिफ्ट किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।


इस घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर सवाल उठाए, यह कहते हुए कि नक्सलवाद के समाप्त होने के राजनीतिक दावों से कुछ नहीं होगा। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सर्च के दौरान सुरक्षाबलों को एक नक्सली डंप भी मिला है। सरेंडर कर चुके नक्सलियों से मिली जानकारी के आधार पर पिछले कुछ महीनों से लगातार आईईडी बरामदगी का अभियान चलाया जा रहा है, और आज का अभियान भी उसी का हिस्सा था।