छत्तीसगढ़ में वेदांता पावर प्लांट विस्फोट: 20 मजदूरों की मौत, शीर्ष प्रबंधन पर कार्रवाई
वेदांता पावर प्लांट में बायलर विस्फोट की घटना
रायपुर: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भयानक बायलर विस्फोट के मामले में पुलिस ने कठोर कदम उठाए हैं। इस दर्दनाक घटना में 20 निर्दोष श्रमिकों की जान गई है, जिसके लिए कंपनी के उच्च प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया गया है। पुलिस ने गंभीर लापरवाही के आरोप में वेदांता के मालिक अनिल अग्रवाल और प्रबंधक देवेंद्र पटेल सहित कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है, जिसमें 15 अन्य श्रमिक अब भी विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
बायलर विस्फोट का कारण: ओवरलोड ईंधन और दबाव
यह भयानक घटना 14 अप्रैल को दोपहर 2:33 बजे डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघीतराई में हुई। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राजेश पटेल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। प्रारंभिक जांच और तकनीकी रिपोर्टों से पता चला है कि बायलर फर्नेस में निर्धारित सीमा से अधिक ईंधन जमा हो गया था, जिससे अत्यधिक दबाव बना और बायलर-1 में जोरदार विस्फोट हुआ। यह धमाका इतना भयंकर था कि बायलर का निचला पाइप अपनी जगह से उखड़ गया और चारों ओर तबाही मच गई।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही
इस हादसे के बाद घायल श्रमिकों को रायगढ़ जिले के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अब तक 20 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि वेदांता कंपनी और एनजीएसएल ने मशीनरी और उपकरणों के रखरखाव में गंभीर लापरवाही की थी। प्लांट में बुनियादी सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया गया था, जिसके कारण बायलर के दबाव में असामान्य उतार-चढ़ाव आया, और इसके परिणामस्वरूप ये श्रमिक अपनी जान गंवा बैठे।
विशेष टीम द्वारा जांच और कानूनी कार्रवाई
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देश पर डभरा थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने इस मामले की गहराई से जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल, एसडीओपी सुमित गुप्ता, फोरेंसिक अधिकारी सृष्टि सिंह और थाना प्रभारी राजेश पटेल शामिल हैं। पुलिस तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर मामले की गहन जांच कर रही है और यह स्पष्ट किया है कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।