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छात्रों का आंदोलन: दिल्ली से चंडीगढ़ तक गूंजे नारे

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज अब चंडीगढ़ और अन्य शहरों में भी सुनाई दे रही है। हजारों युवा और आम लोग इन प्रदर्शनों में भाग ले रहे हैं, जहां वे नीट पेपर लीक और दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। चंडीगढ़ में 22 जुलाई को हुए प्रदर्शन में छात्रों की भारी भीड़ जुटी, जो राजनीतिक दलों के एजेंडे से अलग अपने मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रही थी। जानिए इस आंदोलन की खास बातें और छात्रों की मांगें।
 

छात्रों का आंदोलन देशभर में फैल रहा है

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज अब हर कोने में सुनाई दे रही है। हजारों युवा और आम नागरिक इन प्रदर्शनों में भाग ले रहे हैं। 'इंकलाब जिंदाबाद', 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो', 'पेपर लीक से आजादी', 'वंदे मातरम', और 'भारत माता की जय' जैसे नारे हर शहर में गूंज रहे हैं। युवा अपने अनोखे और रचनात्मक पोस्टरों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली से लगभग 300 किलोमीटर दूर चंडीगढ़ में भी 22 जुलाई को इसी तरह का एक प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा नीट पेपर लीक से ज्यादा दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज पर था।


चंडीगढ़ में प्रदर्शन की विशेषताएँ

चंडीगढ़ के सेक्टर 17 प्लाजा में अक्सर प्रदर्शन होते हैं, लेकिन 22 जुलाई का प्रदर्शन कुछ खास था। आमतौर पर यहां 100-150 लोग ही शामिल होते हैं, लेकिन इस बार हजारों युवा एकत्रित हुए।


प्रदर्शन का समय और भागीदारी

यह प्रदर्शन शाम 5:30 बजे से लेकर 8-9 बजे तक चला। शहर के विभिन्न कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों के छात्र और युवा इसमें शामिल हुए। कई सामाजिक संगठनों के लोग भी इस आंदोलन का हिस्सा बने। पीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टर और चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के वकील भी समर्थन में आए। पूरे प्लाजा में छात्रों के विभिन्न समूह नारेबाजी करने लगे।


छात्रों ने प्रदर्शन को अपने हाथ में लिया

दिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों को राजनीतिक दलों द्वारा हाईजैक करने के आरोप लग रहे हैं, लेकिन चंडीगढ़ में स्थिति अलग थी। विभिन्न संगठनों ने इस प्रदर्शन का आयोजन किया, लेकिन आम छात्रों ने इसे अपने हाथ में ले लिया। इन छात्रों ने मंच पर मौजूद लोगों से अपील की कि वे अपने राजनीतिक एजेंडे को छोड़कर छात्रों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें।


हर उम्र के लोग शामिल

इस प्रदर्शन में कॉलेज और स्कूल के छात्रों की भीड़ थी, लेकिन बुजुर्ग और परिवार भी शामिल हुए। कई माता-पिता अपने छोटे बच्चों के साथ आए, जिनके हाथों में ऐसे पोस्टर थे जिन पर लिखा था, 'मेरा भविष्य खराब मत होने दो।'


दिल्ली पुलिस के प्रति गुस्सा

हालांकि यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक के खिलाफ था, लेकिन 'दिल्ली पुलिस मुर्दाबाद' और 'दिल्ली पुलिस हाय-हाय' के नारे भी लगाए गए। उपस्थित लोगों का कहना था कि पेपर लीक पर सरकार की जिम्मेदारी बनती है और 20 जुलाई को छात्रों पर लाठीचार्ज गलत था।


अन्य शहरों में भी प्रदर्शन

यह केवल एक शहर का प्रदर्शन है। पटना से प्रयागराज तक कई बड़े शहरों में इसी तरह के प्रदर्शन हो रहे हैं। बड़ी संख्या में युवा इन प्रदर्शनों में भाग ले रहे हैं, और कुछ स्थानों पर पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की भी खबरें आई हैं। दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना जारी है और संसद में भी हलचल है। हर जगह 'वी वॉन्ट जस्टिस' के नारे सुनाई दे रहे हैं।