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छात्रों के विरोध के बीच पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट्स की घोषणा की

दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच, पीएम मोदी ने पेपर लीक के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स की स्थापना की घोषणा की। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें छात्रों की मांगों को सुनना चाहिए। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। पीएम मोदी ने छात्रों के हितों को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।
 

छात्रों का प्रदर्शन और पीएम मोदी की प्रतिक्रिया


छात्रों के विरोध प्रदर्शन का अपडेट: दिल्ली में छात्रों के विरोध के बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने यह घोषणा की है कि पेपर लीक के आरोपियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। हालांकि, छात्रों की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। इस पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पीएम मोदी पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि पीएम को छात्रों की मांगों को सुनना चाहिए।


प्रियंका गांधी ने संसद के मॉनसून सत्र में पीएम मोदी के एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "यह तो ऐसा है जैसे बच्चा कह रहा है कि वह डिजाइनर बनना चाहता है, और पिता कह रहे हैं कि चिंता मत करो, मैंने तुम्हारा इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन करवा दिया है। समस्या यह है कि बच्चा कुछ और कर रहा है और आप कुछ और कह रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "आप नेता हैं, नेतृत्व दिखाने का समय आ गया है। बच्चों की बात सुनें और उनकी मांगों को समझें। उनकी स्पष्ट मांग है- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और उन पर कार्रवाई जो छात्रों को पीटते हैं।"


प्रियंका ने कहा, "छात्रों की सभी मांगों को पूरा करें। यह इतना कठिन नहीं है। बच्चों का सिस्टम पर विश्वास टूट गया है। यदि सिस्टम कोई समाधान देता है, तो बच्चे उसे स्वीकार नहीं करेंगे। यह एक साधारण बात है, जो सभी माता-पिता जानते हैं। यह बात हमारे प्रधानमंत्री को भी समझनी चाहिए। यदि उन्हें समाधान करना है, तो बच्चों की बात सुनें और उनकी मांगों को पूरा करें।"


पीएम मोदी की प्रतिक्रिया:


छात्रों के प्रदर्शन पर पीएम मोदी ने गुरुवार को एक्स पोस्ट में लिखा, "देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा के लिए, सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।"