जंतर मंतर पर प्रदर्शन पर नई पाबंदियाँ: दिल्ली हाई कोर्ट की सुनवाई
जंतर मंतर पर प्रदर्शन की स्थिति
पिछले प्रयासों की तुलना में इस बार जंतर मंतर पर प्रदर्शन को रोकने की संभावना अधिक है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के समाप्त होने के बाद, वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बैरिकेड्स लगाए गए हैं। इसके बावजूद, विभिन्न समूहों के प्रदर्शन जारी हैं। इसी बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार से सवाल किया है कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन क्यों नहीं रोका जा सकता। यह माना जा रहा है कि अदालत की अनुमति से ही प्रदर्शन को समाप्त किया जा सकता है और रामलीला मैदान में स्थान आवंटित किया जा सकता है।
इससे पहले भी प्रदर्शन को रोकने का प्रयास किया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस रोक को हटा दिया था।
20 जुलाई को सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं ने संसद की ओर मार्च किया, जिससे स्थिति में बदलाव आया है। अदालत के समक्ष यह तथ्य प्रस्तुत किया गया कि प्रदर्शनकारी संसद भवन के गेट तक पहुँच गए थे। इस आधार पर, जंतर मंतर से प्रदर्शन हटाने का निर्णय लिया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, सरकार रामलीला मैदान में स्थान देने के लिए तैयार हो सकती है। पहले भी लोग संसद की ओर मार्च करते थे, लेकिन तब इतनी बड़ी संख्या में लोग जंतर मंतर पर नहीं होते थे। सरकार को चिंता है कि यदि कोई बड़ा प्रदर्शन होता है, तो यह संसद की ओर बढ़ सकता है, जो सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।