जनरल धीरज सेठ बने भारतीय थलसेना के नए प्रमुख
नई सेना प्रमुख की नियुक्ति
नई दिल्ली: भारतीय थलसेना, जिसमें 12 लाख सैनिक शामिल हैं, को नया सेना प्रमुख मिल गया है। जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार को आर्मी चीफ का पदभार ग्रहण किया। यह पदभार जनरल उपेंद्र द्विवेदी के कार्यकाल समाप्त होने के बाद एक औपचारिक समारोह में सौंपा गया।
विदाई समारोह
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पहले नेशनल वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद, उन्हें साउथ ब्लॉक के लॉन में औपचारिक 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर विदाई दी गई।
जनरल सेठ का अनुभव
इस अवसर पर जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, “मैं आज भारतीय सेना की कमान जनरल धीरज सेठ को सौंप रहा हूं। वह एक सक्षम और अनुभवी सैन्य नेता हैं। मुझे विश्वास है कि उनके नेतृत्व में भारतीय सेना नई ऊंचाइयों को छुएगी।”
जनरल धीरज सेठ इससे पहले वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने 1 अप्रैल 2026 को इस पद का कार्यभार संभाला था। भारतीय सेना को आर्मर्ड कोर से सेना प्रमुख मिलने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि इससे पहले 1997 में जनरल शंकर रॉय चौधरी ने यह पद छोड़ा था।
सैन्य करियर की उपलब्धियां
जनरल धीरज सेठ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र हैं और दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन प्राप्त किया था। अपने लगभग 40 साल के सैन्य करियर में, उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्र में एक आर्मर्ड रेजिमेंट और जम्मू-कश्मीर में काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स की कमान संभाली।
लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर प्रमोट होने के बाद, उन्होंने सुदर्शन चक्र कोर का नेतृत्व किया और दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का सफल नेतृत्व किया।
महत्वपूर्ण पदों पर कार्य
जनरल सेठ ने कई महत्वपूर्ण स्टाफ और रणनीतिक पदों पर भी कार्य किया है, जिसमें जम्मू-कश्मीर में एक स्वतंत्र आर्मर्ड ब्रिगेड के ब्रिगेड मेजर और संयुक्त राष्ट्र मिशन में ऑपरेशंस ऑफिसर शामिल हैं।
उन्होंने कैपेबिलिटी डेवलपमेंट और आधुनिकीकरण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसमें भारतीय सेना की लांग टर्म इंटीग्रेटेड प्लानिंग में उनकी भूमिका शामिल है।
सैन्य प्रशिक्षण में उत्कृष्टता
जनरल सेठ ने सभी प्रमुख सैन्य प्रशिक्षण कोर्स में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (पीवीएसएम), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (यूवाईएसएम) और अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) से सम्मानित किया गया है।