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जबलपुर हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: नर्सिंग कॉलेजों की परीक्षाएं केवल पात्र संस्थानों के लिए

मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट ने नर्सिंग कॉलेजों के फर्जीवाड़ा मामले में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने केवल उन कॉलेजों में परीक्षाएं कराने की अनुमति दी है, जिन्हें CBI की जांच में मान्यता प्राप्त हुई है। इससे लगभग 8,000 छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है। जानें इस फैसले के पीछे की पूरी कहानी और क्या है आगे की प्रक्रिया।
 

जबलपुर हाईकोर्ट का आदेश

जबलपुर: मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों के मान्यता फर्जीवाड़ा मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं नर्सिंग कॉलेजों में परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जिन्हें CBI की जांच में मान्यता प्राप्त हुई है। इस निर्णय से लंबे समय से परीक्षा का इंतजार कर रहे हजारों छात्रों को राहत मिलने की संभावना है।


सीबीआई ने राज्य के लगभग 800 नर्सिंग कॉलेजों की जांच की थी, जिसमें से केवल 245 कॉलेज ही मानकों पर खरे उतरे। हाईकोर्ट ने इन कॉलेजों के शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लगभग 8,000 छात्रों की परीक्षाएं कराने की अनुमति दे दी है।


हालांकि, जिन कॉलेजों को अपात्र घोषित किया गया है या जिनकी मान्यता से संबंधित समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं, उनकी परीक्षाओं पर रोक जारी रहेगी। अदालत ने कहा है कि इन संस्थानों से संबंधित मामलों पर बाद में अलग से सुनवाई की जाएगी।


हाईकोर्ट के आदेश के बाद, नर्सिंग काउंसिल और मेडिकल यूनिवर्सिटी जल्द ही पात्र कॉलेजों के सत्र 2021-22 की परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर सकती हैं।