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जमुई में लड़के-लड़की के साथ बदसलूकी: पुलिस ने सात आरोपियों की पहचान की

बिहार के जमुई जिले में एक लड़के और लड़की के साथ बदसलूकी की घटना ने सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया है। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों की पहचान की है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। बिहार राज्य महिला आयोग ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसे पितृसत्तात्मकता का उदाहरण बताया है। जानें इस मामले में क्या हो रहा है और किस तरह की कार्रवाई की जा रही है।
 

जमुई में बदसलूकी का मामला


बिहार के जमुई जिले में एक लड़के और लड़की के साथ हुई बदसलूकी के मामले में पुलिस ने सोमवार को जानकारी दी कि उसने इस घटना से जुड़े वीडियो के आधार पर सात संदिग्धों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।


बिहार राज्य महिला आयोग ने भी इस वीडियो का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।


जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने बताया कि यह घटना 19 सितंबर की शाम को हुई थी और वायरल वीडियो में दिख रहे वाहन के नंबर के आधार पर पीड़ितों का पता लगाया गया है।


उन्होंने कहा, "यह घटना दो दिन पुरानी है, लेकिन कल तक पीड़ितों ने पुलिस से कोई शिकायत नहीं की थी। जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब हमने दोनों का पता लगाया।"


दयाल ने बताया कि जमुई थाने में दर्ज प्राथमिकी में पीड़ितों ने किसी आरोपी का नाम नहीं लिया है, लेकिन वीडियो फुटेज की मदद से लगभग सात लोगों की पहचान की गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।


पुलिस के अनुसार, तीन गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और वायरल वीडियो को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।


दयाल ने कहा कि पीड़ित लड़का और लड़की एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते हैं, लेकिन उन्होंने अन्य जानकारी साझा करने से इनकार किया।


इस बीच, इस कथित 'मॉरल पुलिसिंग' के वीडियो ने सोशल मीडिया पर व्यापक आक्रोश पैदा किया है।


लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस घटना को 'बेहद विचलित करने वाली' बताया और लिखा, "यह संस्कृति नहीं, पितृसत्तात्मकता है।"


उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी मानसिकता को 'अंधभक्तों' ने सामान्य बना दिया है और वीडियो में पहचाने गए आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की।


राहुल ने राज्य की भाजपा नीत सरकार से सवाल किया कि "सार्वजनिक सड़क पर भी एक लड़की सुरक्षित क्यों नहीं है?"


आम आदमी पार्टी ने भी इस घटना से जुड़ा वीडियो साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'बेटी बचाओ' नारे का जिक्र किया और आरोप लगाया कि "भाजपा शासित बिहार में एक बेटी की गरिमा तार-तार की जा रही है।"


राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने कहा कि लड़कियों और महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जमुई के जिलाधिकारी से पूरी जानकारी मांगी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।


जनता दल-यूनाइटेड के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी घटनाओं को लेकर संवेदनशील है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।


कुशवाहा ने राष्ट्रीय जनता दल पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में 2005 से पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति अलग थी, जबकि अब दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाती है।


राजद नेता शक्ति सिंह यादव ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए, जबकि भाजपा प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि सरकार मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।


बिहार सरकार में मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और वह जमुई के पुलिस अधीक्षक से बात कर पूरे मामले की समीक्षा करेंगे।