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जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति: जानें ताजा अपडेट

जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने बाढ़ की स्थिति को गंभीर बना दिया है। पंजाब में भी बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। जानें इन राज्यों में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों, राहत कार्यों और स्थानीय निवासियों की स्थिति के बारे में। क्या प्रशासन इन चुनौतियों का सामना कर पाएगा? पूरी जानकारी के लिए पढ़ें।
 

भारी बारिश से उत्पन्न संकट

जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण हालात गंभीर हो गए हैं। पहाड़ों पर हो रही मूसलधार बारिश का प्रभाव पंजाब तक पहुंच चुका है, जहां कई क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।


जम्मू-कश्मीर में बाढ़ की स्थिति

जम्मू संभाग में तवी और चेनाब नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जम्मू के बेलिचरणा क्षेत्र में लगभग 35 घर और 6 दुकानों को भारी नुकसान हुआ है। जिला रियासी में सलाल डैम के सभी गेट खोल दिए गए हैं। इसके अलावा, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है। चेनानी और जखेनी के बीच कई स्थानों पर सड़कें धंस गई हैं, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है।


भदरवाह में विनाशकारी बाढ़

भदरवाह कस्बे में आधी रात को हुई मूसलधार बारिश के बाद आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। यहां कई मकान और मंदिर जमींदोज हो गए। स्थानीय निवासी गणेश कुमार ने बताया कि रात करीब ढाई बजे एक जोरदार धमाका हुआ और मलबा उनके घर पर गिर पड़ा। उन्होंने किसी तरह अपनी जान बचाई, लेकिन उनका घर पूरी तरह से नष्ट हो गया।


हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन का खतरा

हिमाचल प्रदेश में चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। कुल्लू जिले में ब्यास नदी उफान पर है और हाईवे का एक हिस्सा बह गया है, जिससे सड़क मार्ग बाधित हो गया है। बुधवार रात बनाला के पास हुए भूस्खलन ने यातायात को सुचारू करने में बड़ी चुनौती पेश की है।


पंजाब में बाढ़ का कहर

पंजाब भी बाढ़ से प्रभावित है। पटियाला जिले में जिला कलेक्ट्रेट भवन में पानी भर गया है। गुरदासपुर जिले के दबूरी गांव के जवाहर नवोदय विद्यालय में फंसे 381 छात्रों और 70 शिक्षकों को एनडीआरएफ और बीएसएफ की मदद से सुरक्षित निकाला गया। भारतीय वायुसेना ने डेरा बाबा नानक क्षेत्र से 38 सेना और 10 बीएसएफ जवानों को बचाया। रक्षा मंत्रालय ने इसे “अत्यंत विपरीत परिस्थितियों में किया गया सफल अभियान” बताया है।


जनजीवन पर प्रभाव

लगातार बारिश के कारण तीनों राज्यों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, नदी किनारे बाढ़ और मैदानी इलाकों में जलभराव ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को कठिन बना दिया है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए चुनौतियाँ और बढ़ सकती हैं।