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जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के सात साल: एनसी सांसद का विवादास्पद बयान

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के हटने के सात साल पूरे होने पर, नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद मोहम्मद रमजान ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को एक अलग देश बताकर विवाद खड़ा कर दिया है। इस बयान ने राजनीतिक हलचल को जन्म दिया है, खासकर जब जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार है। फारूक अब्दुल्ला ने भी केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और भारत का PoK चुनावों पर कड़ा रुख।
 

राजनीतिक भूचाल का कारण बना बयान

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के सात साल पूरे होने पर, नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के एक सांसद ने ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। सांसद ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को एक स्वतंत्र देश बताकर भारत के आधिकारिक रुख के विपरीत टिप्पणी की। यह बयान उस समय आया है जब जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में गठबंधन सरकार कार्यरत है। इस विवादास्पद टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मचने की संभावना है।


‘PoK अलग देश है, हमें उसकी चिंता नहीं’

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एनसी सांसद मोहम्मद रमजान ने पीओके को सीधे पाकिस्तान से जोड़ते हुए कहा कि यह एक अलग देश है और वह दूसरे मुल्क का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पीओके की कोई चिंता नहीं है, क्योंकि वहां के मामलों की जिम्मेदारी पाकिस्तान सरकार की है। यह बयान भारत के उस स्पष्ट रुख के विपरीत है, जिसमें पीओके को भारत का अभिन्न अंग माना गया है। इस विवाद पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।


फारूक अब्दुल्ला का केंद्र सरकार पर हमला

इस बीच, पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर भी तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि 2019 में जम्मू-कश्मीर को राज्य से केंद्र शासित प्रदेश में बदलना मौलिक कानूनों के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वर्तमान सरकार सत्ता में बनी रही, तो वह अन्य राज्यों के साथ भी ऐसा ही व्यवहार कर सकती है। अब्दुल्ला ने पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की है, यह कहते हुए कि यूटी व्यवस्था ने चुनी हुई सरकार को लगभग सभी अधिकारों से वंचित कर दिया है।


PoK के चुनावों पर भारत का कड़ा रुख

यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत ने पीओके में हो रहे चुनावों को लेकर पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी थी। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हो रहे 'तथाकथित' स्थानीय चुनाव पूरी तरह से दिखावा हैं। भारत सरकार ने कहा कि इस तरह की चुनावी नौटंकी से वहां की वास्तविकता को नहीं छिपाया जा सकता, जहां पाकिस्तानी सेना आम लोगों पर अत्याचार कर रही है और बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं।