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जम्मू-कश्मीर में जल जीवन मिशन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ सामने आईं

जल जीवन मिशन योजना के तहत जम्मू-कश्मीर में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जांच में पता चला है कि 600 से अधिक परियोजनाएँ केवल कागजों पर पूरी दिखाई गई हैं। इस मामले की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश हसनैन मसूदी की अध्यक्षता में चल रही है, और रिपोर्ट जल्द ही प्रदेश सरकार को सौंपे जाने की संभावना है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट गहरा गया है, जिससे लोगों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
 

जल जीवन मिशन योजना की जांच में अनियमितताएँ


नई दिल्ली। जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य देश के सभी घरों में नल से पानी पहुंचाना था, लेकिन जम्मू-कश्मीर में इस योजना के तहत गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, 600 से अधिक परियोजनाएँ केवल कागजों पर पूरी दिखाई गई हैं, जबकि वास्तविकता में उनका कोई अस्तित्व नहीं है।


इस मामले की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश और विधायक हसनैन मसूदी की अध्यक्षता में चल रही समिति द्वारा की जा रही है। समिति एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने की योजना बना रही है। जम्मू-कश्मीर में जल जीवन मिशन के तहत कुल 3200 परियोजनाएँ स्वीकृत की गई थीं, जिनमें से 1800 कश्मीर और 1400 जम्मू संभाग में हैं। अब तक 900 से अधिक परियोजनाएँ अधूरी हैं और 400 से ज्यादा पर काम शुरू नहीं हुआ है, जबकि इन परियोजनाओं के लिए भुगतान किया जा चुका है।


गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट गहरा गया है। कई गांवों में नलों और ओवरहेड टैंकों में पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे लोगों को प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। इस केंद्रीय योजना में बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है।


विधानसभा में जल जीवन मिशन घोटाले का मुद्दा उठाया गया


जल जीवन मिशन में अनियमितताओं और अधूरे कार्यों को लेकर विधानसभा के बजट सत्र में हंगामा हुआ था। इसके बाद जांच समिति का कार्यकाल 31 मई तक बढ़ा दिया गया। समिति की रिपोर्ट के बाद जल जीवन मिशन में बड़े घोटाले की संभावना जताई जा रही है।


जल जीवन मिशन में लगभग 13 हजार करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप पहले भी सामने आ चुके हैं। आरोप है कि राशि का उपयोग वास्तविक कार्यों पर नहीं किया गया और कागजों में खर्च दिखाया गया। इस मामले को आईएएस अधिकारी अशोक परमार ने उजागर किया था, जिसके बाद जेजेएम के प्रबंध निदेशक को पद से हटा दिया गया। विभागीय जांच भी जारी है और समिति इस पर भी अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।