जम्मू-कश्मीर में नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई, 4000 से अधिक गिरफ्तार
नशे के खिलाफ अभियान की प्रगति
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। हाल ही में साझा की गई जानकारी के अनुसार, अप्रैल में शुरू किए गए 'नशा मुक्त अभियान' के तहत 4000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (DGP) नलिन प्रभात ने इस संबंध में जानकारी दी।
डीजीपी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर को नशामुक्त बनाने के लिए अभियान की शुरुआत 11 अप्रैल को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा की गई थी। इस दौरान पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत 3257 मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने कहा कि 4000 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई है और 170 मामलों में दोषसिद्धि भी हो चुकी है। इसके अलावा, 2500 से अधिक मामलों का निपटारा किया जा चुका है।
संपत्तियों पर कार्रवाई
138 करोड़ की संपत्ति अटैच
नशे के कारोबार में शामिल आरोपियों की संपत्तियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। डीजीपी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर इस मामले में देश में सबसे आगे है। अब तक 288 संपत्तियां अटैच की गई हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 138 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही, पुलिस ने 80 लाख रुपये नकद भी जब्त किए हैं।
डीजीपी ने बताया कि Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act (IT-NDPS) के तहत 144 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जो किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की तुलना में सबसे अधिक है।
आतंकवाद के खिलाफ भी कार्रवाई
आतंकवाद के खिलाफ भी अभियान जारी
नलिन प्रभात ने कहा कि पुलिस आतंकवाद विरोधी अभियानों में भी सफल रही है। पड़ोसी देश की ओर से किए जा रहे नापाक मंसूबों को विफल किया गया है। उन्होंने बताया कि सितंबर का महीना पुलिस के लिए कई ऑपरेशनल उपलब्धियों के लिए महत्वपूर्ण रहा।
डीजीपी ने कहा कि पुलिस ने अपराध की रोकथाम, अपराधियों की पहचान और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी प्रगति की है। 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' का उद्देश्य युवाओं में नशे की लत को समाप्त करना है।