जम्मू-कश्मीर में बस हादसा: 2 की मौत, 15 घायल, मंत्री ने लिया संज्ञान
जम्मू-कश्मीर में दर्दनाक बस दुर्घटना
जम्मू-कश्मीर: बुधवार की सुबह लगभग 8 बजे, जब एक बस पहाड़ी मार्ग पर चल रही थी, तब अचानक एक गंभीर दुर्घटना घटित हुई। उधमपुर जिले में, यह बस खाई में गिर गई, जिससे कम से कम दो लोगों की जान चली गई। यह बस पेचौंड से रामनगर की ओर जा रही थी। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार, बसंतगढ़ तहसील के गुल्ली गाला में चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण बस सड़क से फिसलकर खाई में जा गिरी। दुर्घटना के बाद बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मौके पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम और सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे और स्थिति का आकलन किया।
घायलों की संख्या 15
अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इस दुर्घटना में 15 लोग घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए बसंतगढ़ के पब्लिक हेल्थ सेंटर (PHC) और रामनगर के सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल (SDH) में भर्ती कराया गया। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने X पर बताया कि 10 घायलों को SDH रामनगर लाया गया है, जिनमें से 3 को GMC उधमपुर भेजा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि 3 और एम्बुलेंस SDH रामनगर की ओर बढ़ रही हैं। दुर्भाग्यवश, दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
मंत्री का सक्रिय हस्तक्षेप
उधमपुर से लोकसभा सदस्य डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस घटना पर ध्यान दिया और डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर अनंत द्विवेदी से फोन पर बात की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को उचित चिकित्सा सुविधा मिले और उन्हें शीघ्रता से बचाया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की तत्परता से सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया। इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है और उनका कार्यालय प्रशासन के संपर्क में है। मंत्री ने नई दिल्ली में बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) के अधिकारियों के साथ रामनगर से बसंतगढ़ सड़क निर्माण का मुद्दा भी उठाया है।
पहाड़ी सड़कों की सुरक्षा पर चिंता
उधमपुर जिले में यह एक हफ्ते के भीतर दूसरी ऐसी घटना है। इससे पहले, 15 अक्टूबर को जॉनू के पास एक मिनीबस सड़क से फिसलकर खाई में गिर गई थी, जिसमें 18 लोग घायल हुए थे, लेकिन उस हादसे में किसी की जान नहीं गई थी। इन लगातार हो रही घटनाओं ने पहाड़ी सड़कों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल, प्रशासन का ध्यान घायलों के उपचार पर केंद्रित है।