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जम्मू-कश्मीर में मूसलधार बारिश से रेल सेवाएं प्रभावित, हजारों यात्री फंसे

जम्मू-कश्मीर में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। रेल सेवाएं प्रभावित होने से हजारों यात्री विभिन्न स्टेशनों पर फंसे हुए हैं। मनवाल रेलवे स्टेशन पर अंडमान एक्सप्रेस 24 घंटे से रुकी है, जिसमें करीब 1500 यात्री हैं। रेलवे और स्थानीय प्रशासन राहत कार्य में जुटे हैं, लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है। जानें इस संकट के बारे में और अधिक जानकारी।
 

जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर

जम्मू-कश्मीर में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। इसका सबसे अधिक असर रेल सेवाओं पर पड़ा है। जम्मू से कटरा जाने वाली रेल पटरियां कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिसके कारण रेल यातायात ठप हो गया है। हजारों यात्री विभिन्न स्टेशनों पर घंटों से फंसे हुए हैं, और रेलवे तथा स्थानीय प्रशासन उनकी सहायता में जुटे हैं।


मनवाल रेलवे स्टेशन पर स्थिति सबसे गंभीर है, जहां चेन्नई से वैष्णो देवी जाने वाली अंडमान एक्सप्रेस पिछले 24 घंटे से रुकी हुई है। इस ट्रेन में लगभग 1500 यात्री सफर कर रहे थे, जो अब स्टेशन पर ही रुककर इंतजार करने को मजबूर हैं। रेलवे और कुछ सामाजिक संगठनों ने इन्हें भोजन और पानी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ली है।


बुधवार दोपहर को अचानक पटरियों पर बोल्डर गिरने से यह संकट उत्पन्न हुआ। बारिश इतनी तेज है कि आसपास की सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे राहत और मरम्मत कार्य में कठिनाई आ रही है।


केवल मनवाल ही नहीं, बल्कि चक रखवाल, संगर, घघवाल और विजयपुर स्टेशनों पर भी यात्री ट्रेनें फंसी हुई हैं। सभी स्थानों पर रेलवे कर्मचारी और सुरक्षा दल यात्रियों को खाना, पानी और आवश्यक जानकारी प्रदान कर रहे हैं। जम्मू, कटरा, पठानकोट और उधमपुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर हेल्पडेस्क स्थापित कर लगातार अपडेट साझा किए जा रहे हैं।


उत्तर रेलवे ने खराब मौसम के कारण कई ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की है। जम्मू-कटरा रूट पर चलने वाली नौ ट्रेनों को सीधे तौर पर निरस्त किया गया है, जबकि जम्मू और उधमपुर से होकर गुजरने वाली लगभग तेईस ट्रेनों पर भी रोक लगाई गई है।


स्टेशन पर फंसे यात्रियों के लिए सबसे बड़ी समस्या लंबा इंतजार और अनिश्चितता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि रेलवे ने स्थानीय समुदाय की मदद से भोजन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था को तेज कर दिया है।