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जम्मू-कश्मीर में संदिग्ध ड्रोन गतिविधि से सुरक्षा बलों में हड़कंप

जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में एक संदिग्ध ड्रोन की गतिविधि ने सुरक्षा बलों में हड़कंप मचा दिया है। यह घटना गणतंत्र दिवस से पहले हुई है, जब सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है। अधिकारियों ने ड्रोन की पहचान की और तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई। हाल ही में ड्रोन के जरिए गिराए गए हथियारों की बरामदगी ने चिंता बढ़ा दी है। जानें इस घटना के सभी पहलुओं के बारे में।
 

संदिग्ध ड्रोन की पहचान


नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट शनिवार शाम को सुरक्षा एजेंसियों ने एक संदिग्ध ड्रोन की गतिविधि देखी, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। अधिकारियों के अनुसार, यह ड्रोन पाकिस्तान से भारतीय सीमा में आया और थोड़ी देर बाद गायब हो गया।


सुरक्षा बलों की तत्परता

ड्रोन की गतिविधि के तुरंत बाद, सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों ने सतर्कता बढ़ाते हुए पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया। यह घटना गणतंत्र दिवस से पहले की है, जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी की गई थी।


ड्रोन की स्थिति

कहाँ देखा गया ड्रोन?


अधिकारियों ने बताया कि शनिवार शाम लगभग 7 बजे सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर के कंद्राल गांव के पास एक ड्रोन जैसा ऑब्जेक्ट देखा गया। यह पाकिस्तान की ओर से आया था और कुछ समय तक मंडराने के बाद वापस चला गया।


संभावित खतरों की जांच

हथियार या मादक पदार्थ गिराने की आशंका


ड्रोन की सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने कंद्राल गांव और उसके आस-पास व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान यह जांच की गई कि कहीं ड्रोन के माध्यम से हथियार, गोला-बारूद या मादक पदार्थों की खेप तो नहीं गिराई गई। अधिकारियों के अनुसार, कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन में कोई संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई।


पिछले घटनाक्रम से बढ़ी चिंता

हालिया ड्रोन से हथियार बरामदगी ने बढ़ाई चिंता


यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब हाल ही में सुरक्षा बलों ने सांबा जिले के घगवाल क्षेत्र में ड्रोन के जरिए गिराई गई हथियारों की खेप बरामद की थी। 9 जनवरी को वहां से दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 राउंड गोलियां और एक ग्रेनेड जब्त किया गया था, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में चिंता बढ़ गई थी।


एलओसी पर ड्रोन गतिविधियों में वृद्धि

एलओसी पर भी बढ़ी ड्रोन गतिविधियां


अधिकारियों के अनुसार, राजौरी और पुंछ जिलों में नियंत्रण रेखा के पास हाल के दिनों में ड्रोन गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है। पिछले सप्ताह में, सेना ने इन दोनों जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों में कई बार ड्रोन की उपस्थिति दर्ज की और तीन अलग-अलग स्थानों पर फायरिंग भी की गई। इन घटनाओं की जानकारी पाकिस्तान को दी गई है।


गणतंत्र दिवस की तैयारी में सुरक्षा कड़ी

गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था सख्त


ड्रोन की यह हलचल गणतंत्र दिवस के मद्देनजर हुई है, जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और जमीनी गश्त के साथ-साथ हवाई निगरानी भी तेज कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा बल हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रख रहे हैं ताकि नागरिकों और राष्ट्रीय सुरक्षा को कोई खतरा न हो।