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जम्मू में नकली चांदी चढ़ावे के मामले में कोर्ट का आदेश

जम्मू के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में 500 करोड़ रुपये की नकली चांदी चढ़ाने के मामले में जांच अधिकारी को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। शिकायतकर्ता वकील दीपक शर्मा ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच नहीं की। उन्होंने कहा कि चढ़ावे में कैडमियम की मौजूदगी से यह सवाल उठता है कि क्या पूरे देश में नकली चांदी बिक रही है। कोर्ट में याचिका दायर करने के पीछे की वजह भी यही है कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
 

जांच अधिकारी को कोर्ट में पेश होने का निर्देश

जम्मू के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जम्मू-कश्मीर पुलिस क्राइम ब्रांच के एक जांच अधिकारी को श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में लगभग 500 करोड़ रुपये की नकली चांदी चढ़ाने के आरोपों से संबंधित दस्तावेजों के साथ कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है। मुनीश कुमार मन्हास की अध्यक्षता वाली कोर्ट ने अधिकारी को 29 जुलाई 2026 को सुनवाई के लिए उपस्थित रहने और आवश्यक रिकॉर्ड पेश करने के लिए कहा है।


शिकायत में हेराफेरी का आरोप

शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में 500 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चांदी के चढ़ावे में हेराफेरी और मिलावट का आरोप लगाया है।


वकील का आरोप

इस मामले में शिकायतकर्ता वकील दीपक शर्मा ने क्राइम ब्रांच की कार्रवाई की रिपोर्ट को चुनौती दी है। उनका कहना है कि रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि FIR दर्ज की गई या नहीं, और न ही श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए लगभग 20 टन चांदी के संबंध में आरोपों की कोई गंभीर जांच की गई।


दीपक शर्मा ने कहा, 'हाल ही में यह दावा किया गया था कि मंदिर में चढ़ावे के रूप में लगभग 550 करोड़ रुपये मूल्य की चांदी प्राप्त हुई थी, जिसमें से केवल 20 से 30 करोड़ रुपये मूल्य की चांदी ही असली थी, जबकि बाकी नकली या मिलावटी थी। यह किसी भी सामान्य व्यक्ति के लिए विश्वास करना कठिन है।'


कैडमियम की मौजूदगी का सवाल

उन्होंने कहा, 'देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालु इस पवित्र मंदिर में चांदी चढ़ाते हैं। ऐसे में यह कैसे कहा जा सकता है कि अलग-अलग जगहों से आने वाले श्रद्धालुओं का चढ़ावा नकली था?' वकील शर्मा ने यह भी बताया कि नकली चांदी में 'कैडमियम' की मौजूदगी की बात सामने आई है, जो एक अत्यंत विषैली धातु है।


क्या पूरे देश में नकली चांदी बिक रही है?

दीपक शर्मा ने सवाल उठाते हुए कहा, 'अगर यह माना जाए कि लाखों श्रद्धालुओं ने कैडमियम युक्त नकली चांदी खरीदी थी, तो इसका मतलब यह होगा कि देशभर के दुकानदारों ने इस जहरीली धातु से बनी चांदी खरीदी और बेची। यह गंभीर सवाल खड़ा करता है।' उन्होंने बताया कि इन्हीं चिंताओं के चलते उन्होंने इस मामले की गहन जांच की मांग की थी।


कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की वजह

दीपक शर्मा ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई और न ही उन्हें जांच की प्रगति के बारे में सूचित किया गया। इस कारण उन्हें कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर होना पड़ा। कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, क्राइम ब्रांच ने एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें कहा गया कि शिकायत के बाद इसे पुलिस महानिरीक्षक को भेजा गया था।


हालांकि, दीपक शर्मा ने इस प्रक्रिया को कानून के खिलाफ बताया है। उनका कहना है कि क्राइम ब्रांच को FIR दर्ज करने की जिम्मेदारी थी, न कि इसे किसी अन्य एजेंसी पर स्थानांतरित करने की।