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जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर CRPF जवानों का हादसा, सात लोग घायल

जम्मू-कश्मीर के काजीगुंड में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर एक गंभीर सड़क हादसा हुआ, जिसमें CRPF के पांच जवानों सहित कुल सात लोग घायल हो गए। यह दुर्घटना लेवडोरा क्षेत्र में हुई, जहां CRPF का मिनी ट्रक और एक अन्य ट्रक आमने-सामने टकरा गए। राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई। सभी घायलों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। इस घटना के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ।
 

जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर दुर्घटना


जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर हादसा: जम्मू-कश्मीर के काजीगुंड में मंगलवार सुबह एक गंभीर दुर्घटना हुई। इस घटना में CRPF के पांच जवानों सहित कुल सात लोग घायल हो गए। यह हादसा काजीगुंड के लेवडोरा क्षेत्र में हुआ, जहां CRPF का मिनी ट्रक और एक अन्य ट्रक आमने-सामने टकरा गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन स्थानीय लोगों और बचाव टीमों ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।


लेवडोरा में टक्कर का विवरण

अधिकारियों के अनुसार, यह दुर्घटना जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लेवडोरा क्षेत्र में हुई। CRPF का मिनी ट्रक सड़क पर चल रहा था, तभी उसकी टक्कर दूसरे ट्रक से हो गई। इस टक्कर में CRPF के पांच जवान घायल हुए, साथ ही दूसरे ट्रक के चालक और सहायक को भी चोटें आईं। जैसे ही हादसे की सूचना मिली, संबंधित अधिकारियों ने राहत कार्य शुरू किया।


घायलों की स्थिति

इस दुर्घटना में घायल CRPF जवानों में चार अधिकारी शामिल हैं। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और डॉक्टर उनकी देखभाल कर रहे हैं। किसी भी घायल की गंभीर स्थिति की सूचना नहीं है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, जो जम्मू-कश्मीर को कश्मीर घाटी से जोड़ता है, पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री और मालवाहक वाहन चलते हैं। इस हादसे के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ।


अस्पताल में उपचार जारी

हादसे में घायल सभी सात लोगों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। इनमें पांच CRPF जवान और दूसरे ट्रक के चालक तथा सहायक शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी घायलों की स्थिति स्थिर है। सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हादसे की वास्तविक वजह की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।