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जयपुर में धार्मिक संरचनाओं के ध्वस्तीकरण के लिए प्रशासनिक कार्रवाई शुरू

जयपुर में सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रशासन ने नंदपुरी क्षेत्र में धार्मिक संरचनाओं के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की है। इस कार्रवाई में नूरानी मस्जिद को सील किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं, जिसमें कांग्रेस विधायक ने ध्वस्तीकरण पर सवाल उठाए हैं।
 

जयपुर में सड़क चौड़ीकरण के लिए कार्रवाई

जयपुर: जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) और जिला प्रशासन ने नंदपुरी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के तहत धार्मिक संरचनाओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस क्रम में नूरानी मस्जिद को सील कर दिया गया है और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आरंभ की गई है।


इस संवेदनशील कार्रवाई से पहले, प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया और भारी पुलिस बल तैनात किया। सुरक्षा के दृष्टिकोण से मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में फ्लैग मार्च भी किया गया।


अधिकारियों के अनुसार, मालवीय नगर से जगतपुरा तक जाने वाली मुख्य सड़क का चौड़ीकरण लंबे समय से चल रहा है। नंदपुरी अंडरपास के निकट रेलवे लाइन के समानांतर सड़क की चौड़ाई को वर्तमान 25-30 फीट से बढ़ाकर 80 फीट किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत सड़क सीमा में आने वाली पांच धार्मिक संरचनाओं को हटाया जा रहा है, जिनमें एक मस्जिद, दो मंदिर, एक सत्संग हॉल और एक मजार शामिल हैं।


प्रशासन का कहना है कि सभी संरचनाएं सड़क के निर्धारित अधिकार क्षेत्र में आ रही हैं, जिसके कारण उन्हें हटाने की कार्रवाई की जा रही है।


जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा कि कार्रवाई के दौरान सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अफवाहों से बचने और तथ्यहीन वीडियो या पोस्ट साझा न करने की चेतावनी दी।


प्रशासन के अनुसार, अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए 50 से अधिक प्रशासनिक अधिकारियों और 3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।


इस कार्रवाई पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। कांग्रेस विधायक रफीक खान ने ध्वस्तीकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि नूरानी मस्जिद निर्धारित नियमों और भवन उपविधियों के अनुसार बनाई गई थी। उन्होंने प्रशासन के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति एवं सौहार्द बनाए रखें।