जयशंकर की फ्रांस यात्रा: भारत-यूरोप संबंधों को मजबूती देने की दिशा में कदम
फ्रांस में विदेश मंत्री की महत्वपूर्ण बैठक
फ्रांस पहुंचे विदेश मंत्री ने अपने समकक्ष के साथ की मुलाकात, भारत-फ्रांस के रिश्तों को मजबूत करने पर जोर
भारत के विदेश मंत्री, डॉ. एस. जयशंकर ने यूरोप की वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए फ्रांस की अहमियत को बताया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक शांति और प्रगति के लिए आवश्यक है कि यूरोपीय देश और भारत मिलकर कार्य करें। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का माहौल है, विशेषकर अमेरिका की वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई को लेकर।
भारत और यूरोप के संबंधों में मजबूती
डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत और यूरोप के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और दोनों पक्ष मिलकर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में स्थिरता ला सकते हैं। उन्होंने पेरिस में फ्रांस के विदेश मंत्री जीन नोएल बैरट के साथ द्विपक्षीय मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोप वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है और भारत को अपने संबंधों को और मजबूत करना चाहिए।
जयशंकर ने कहा, 'यह एक सोच-समझकर लिया गया निर्णय है, जो दर्शाता है कि यूरोप के साथ हमारा रिश्ता वास्तव में अगले स्तर पर जाने के लिए तैयार है।'
महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा
जयशंकर ने बताया कि हाल के हफ्तों में भारत में यूरोप से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई है, जैसे कि एफटीए (मुक्त व्यापार समझौता), प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, रेलवे, रक्षा और विमानन। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोप के बीच एक ठोस रिश्ता है और आगे भी बहुत कुछ किया जा सकता है। इसके अलावा, उन्होंने वैश्विक व्यवस्था पर चर्चा की आवश्यकता पर भी जोर दिया।