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जयशंकर की यूरोप पर टिप्पणियाँ: क्या वे अमेरिका और चीन पर भी यही कहेंगे?

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में यूरोप के देशों पर कुछ विवादास्पद टिप्पणियाँ की हैं। उन्होंने कहा कि यूरोप के हथियार भारत के खिलाफ इस्तेमाल होते हैं, जबकि भारत के हथियार कभी भी यूरोप के खिलाफ नहीं होते। यह सवाल उठता है कि क्या वे अमेरिका और चीन के बारे में भी ऐसी बातें कह सकते हैं? क्या उनकी टिप्पणियाँ केवल यूरोप तक सीमित हैं? जानिए इस विषय पर और क्या कहते हैं विशेषज्ञ।
 

भारत के विदेश मंत्री की यूरोप पर टिप्पणियाँ


भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर उन मंत्रियों में से एक हैं, जिनकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा होती है। उनकी आंखों से निकलने वाली लेजर लाइट वाली रीलें अक्सर वायरल होती हैं। हालांकि, ऐसा प्रतीत होता है कि उनका ध्यान मुख्य रूप से यूरोप के देशों पर केंद्रित है, जबकि पाकिस्तान पर उनकी टिप्पणियाँ अधिक होती हैं। चीन, अमेरिका, और रूस के बारे में उनकी टिप्पणियाँ कम सुनाई देती हैं। जब वे इन देशों के बारे में बोलते हैं, तो उनकी बातें सकारात्मक होती हैं। लेकिन जब यूरोप की बात आती है, तो वे कई बार बिना सोचे-समझे बातें करते हैं। हाल ही में, फिनलैंड में एक संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि यूरोप के देश ऐसे हथियारों का व्यापार करते हैं, जिनका उपयोग भारत के खिलाफ किया जाता है। इसके विपरीत, उन्होंने यह भी कहा कि भारत के हथियार कभी भी यूरोप के खिलाफ नहीं इस्तेमाल होते।


क्या जयशंकर अमेरिका और चीन पर भी यही बातें कह सकते हैं?

यह सवाल उठता है कि क्या जयशंकर अमेरिका और चीन के बारे में भी ऐसी बातें कह सकते हैं? वे चीन के मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं और लंबे समय तक वहां भारत के राजनयिक रहे हैं। क्या वे चीन में जाकर कह सकते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने चीन के हथियारों का इस्तेमाल किया और चीन ने पाकिस्तान को वास्तविक समय की जानकारी दी? क्या वे अमेरिका के लड़ाकू विमान एफ 16 के बारे में कह सकते हैं कि पाकिस्तान ने इनसे भारत पर हमला किया? क्या वे रूस जाकर कह सकते हैं कि रूस के निर्मित एके 47 और एके 56 से आतंकवादियों ने कश्मीर से लेकर मुंबई तक हमले किए? ये बातें वे नहीं कह सकते। लेकिन यूरोप उनके लिए हमेशा आसान लक्ष्य बनता है। जब यूरोपीय देश भारत के प्रति सद्भाव दिखाते हैं, तो जयशंकर उन पर निशाना साधते रहते हैं।