जर्मनी के गुरुद्वारे में हिंसक झड़प, 11 लोग घायल
गुरुद्वारे में हुई झड़प की जानकारी
नई दिल्ली: जर्मनी के मोर्स शहर के डुइसबर्ग क्षेत्र में स्थित एक गुरुद्वारे में हुई हिंसक झड़प में 11 लोग घायल हो गए हैं। इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं, जिनमें धार्मिक स्थल के अंदर दो गुटों के बीच संघर्ष दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि झड़प के दौरान चाकू और कृपाण का उपयोग किया गया, हालांकि इन वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस की कार्रवाई और स्थिति नियंत्रण
जर्मन समाचार पत्र ‘बिल्ड’ के अनुसार, इस झड़प में लगभग 40 लोग शामिल थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की और विशेष सामरिक इकाइयों को भी तैनात किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धारदार हथियारों के साथ-साथ पेपर स्प्रे और एक बंदूक का भी इस्तेमाल किया गया।
घटना के कारणों की जांच
इस घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विवाद गुरुद्वारे के नए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चुनाव को लेकर शुरू हुआ हो सकता है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि गुरुद्वारे के फंड के प्रबंधन को लेकर विभिन्न गुटों के बीच मतभेद थे।
प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही
सोमवार को हुई इस घटना के एक 56 वर्षीय प्रत्यक्षदर्शी ने ‘बिल्ड’ को बताया, “यह हमला पहले से योजनाबद्ध लगता है। सेवा शुरू होने से ठीक पहले हमलावरों ने पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया और फिर एक व्यक्ति ने पिस्तौल से फायर किया। मैंने चाकू भी देखे।”
घायलों का इलाज और गिरफ्तारी
प्रत्यक्षदर्शी ने आगे कहा कि गुरुद्वारे के फंड और प्रबंधन को लेकर पूर्व और वर्तमान बोर्ड सदस्यों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। “यह संघर्ष मुख्य रूप से प्रभाव और नियंत्रण को लेकर है—किसकी बात अंतिम मानी जाएगी। हमला शुरू होते ही कई लोग घबराकर बाहर भागे। स्थिति और गंभीर हो सकती थी, लेकिन राहत की बात है कि किसी की जान नहीं गई,” उन्होंने कहा।
रिपोर्ट के अनुसार, सभी घायलों का इलाज मौके पर ही पैरामेडिक्स और एक आपातकालीन डॉक्टर द्वारा किया गया। पुलिस ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। हालांकि, अब तक बंदूक बरामद नहीं हुई है, लेकिन मौके से मिले कारतूसों के खोखे के आधार पर प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह ‘ब्लैंक-फायरिंग’ पिस्तौल (बिना असली गोली वाली) हो सकती है।