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जल गुणवत्ता की समीक्षा: उपायुक्त ने की महत्वपूर्ण बैठक

फरीदाबाद में उपायुक्त आयुष सिन्हा ने जल गुणवत्ता और पेयजल योजनाओं की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और जल गुणवत्ता की स्थिति पर चर्चा की। उपायुक्त ने सभी गांवों में पानी की नियमित सैंपलिंग, बैक्टीरियल टेस्टिंग, और क्लोरीनेशन की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा, आंगनवाड़ी केंद्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए गए। जानें इस बैठक में और क्या निर्णय लिए गए हैं।
 

जल एवं सीवरेज मिशन बैठक का आयोजन


  • उपायुक्त आयुष सिन्हा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित


फरीदाबाद। उपायुक्त आयुष सिन्हा ने आज ग्रामीण पेयजल आपूर्ति, जल गुणवत्ता और जल जीवन मिशन योजनाओं की समीक्षा के लिए जिला जल एवं सीवरेज मिशन की बैठक बुलाई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जैसे पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग, पंचायती राज और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधि शामिल हुए।


बैठक में जल गुणवत्ता की स्थिति पर चर्चा करते हुए, डीसी सिन्हा ने निर्देश दिए कि सभी गांवों में नियमित रूप से पानी के नमूनों की जांच की जाए। बैक्टीरियल परीक्षण, क्लोरीनेशन और भारी धातुओं की जांच को चरणबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए। जिन गांवों में बाहरी स्रोतों से पानी की आपूर्ति हो रही है, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर क्लोरीनेशन और डिसइन्फेक्शन सुनिश्चित किया जाए।


आंगनवाड़ी केंद्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना

बैठक के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति की समीक्षा करते हुए, उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी केंद्रों का सर्वेक्षण किया जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भवन के अंदर पानी का कनेक्शन उपलब्ध हो। जहां आवश्यकता हो, वहां कार्य योजना तैयार की जाए और जरूरत पड़ने पर सीएसआर या अन्य योजनाओं से सहयोग लिया जाए।


उपायुक्त ने पंचायतों के बैंक खातों, ऑपरेटरों के वेतन, बिजली भुगतान और जल योजनाओं के रखरखाव की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों के खाते और संबंधित रिकॉर्ड को पूरी तरह से अपडेट रखा जाना चाहिए। पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता और मात्रा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।


लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश

बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 65 गांवों में पेयजल योजनाओं को सफलतापूर्वक ग्राम पंचायतों को सौंपा जा चुका है। इन योजनाओं के तहत हर घर में नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है, और ग्राम पंचायतें इनके संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।