जापान की 82 स्थानीय विधानसभाओं ने गैर-परमाणु सिद्धांतों को बनाए रखने की मांग की
जापान में गैर-परमाणु सिद्धांतों का समर्थन
टोक्यो: जापान की 82 स्थानीय विधानसभाओं ने प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की सरकार से अनुरोध किया है कि वे देश के तीन गैर-परमाणु सिद्धांतों को बनाए रखें या उन्हें कानूनी रूप दें। यह जानकारी स्थानीय मीडिया द्वारा दी गई है।
समाचार स्रोतों के अनुसार, पिछले साल अक्टूबर में ताकाइची सरकार के गठन के बाद से, इन सिद्धांतों से संबंधित प्रस्तावों को पांच प्रीफेक्चरल विधानसभाओं, 48 शहरों की विधानसभाओं और 29 कस्बों व वार्ड विधानसभाओं ने पारित किया है। इन प्रस्तावों में किसी भी संशोधन की मांग नहीं की गई है।
एक रिपोर्ट में बताया गया है कि यह वृद्धि पिछले प्रशासनों की तुलना में काफी अलग है, जहां ऐसे प्रस्ताव या तो नहीं आए थे या बहुत कम संख्या में आए थे। यह जापान की लंबे समय से चली आ रही गैर-परमाणु नीति में संभावित बदलाव को लेकर जनता की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।
जापान के तीन गैर-परमाणु सिद्धांत देश में परमाणु हथियारों के निर्माण, उनके रखने या जापानी क्षेत्र में उनके प्रवेश की अनुमति नहीं देते। इन्हें 1971 में जापानी संसद द्वारा औपचारिक रूप से अपनाया गया था और तब से ये देश की परमाणु नीति का आधार बने हुए हैं।
स्थानीय मीडिया ने पहले बताया था कि ताकाइची सरकार जापान में परमाणु हथियारों के प्रवेश पर रोक लगाने वाले सिद्धांत में संशोधन पर विचार कर रही है, जिससे जापानी समाज के विभिन्न वर्गों में चिंता बढ़ गई है।
इस साल की शुरुआत में हिरोशिमा और नागासाकी शहरों की विधानसभाओं ने भी जापानी सरकार से तीन गैर-परमाणु सिद्धांतों का पालन करने का आग्रह करते हुए प्रस्ताव पारित किए थे।
हिरोशिमा नगर विधानसभा ने जनवरी में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें कहा गया था कि सत्तारूढ़ दल द्वारा गैर-परमाणु सिद्धांतों में बदलाव की कोशिशों से चिंता पैदा हुई है। प्रस्ताव में जापानी सरकार से परमाणु बम हमलों का सामना कर चुके शहरों के लोगों की भावनाओं को गंभीरता से लेने और तीन गैर-परमाणु सिद्धांतों को बनाए रखने की अपील की गई।