जेएनयू में विवादित नारेबाजी पर वाइस चांसलर की प्रतिक्रिया
जेएनयू में नारेबाजी की घटना
जेएनयू में विवादित नारेबाजी: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में सोमवार रात साबरमती हॉस्टल के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादास्पद नारे लगाए गए। इस घटना के बाद, जेएनयू प्रशासन ने नारेबाजी करने वाले छात्रों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज की। इस बीच, यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुडी पंडित ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुडी पंडित ने एक कार्यक्रम में पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी पर टिप्पणी करते हुए कहा, "मैं आपको बताना चाहती हूं कि हम भारत की सबसे राष्ट्रवादी यूनिवर्सिटी हैं। दो दिन पहले फिर से नारे लगे क्योंकि हर यूनिवर्सिटी में कुछ अजीब लोग होते हैं। कुछ पागल लोग हैं, लेकिन वे इस यूनिवर्सिटी का चरित्र नहीं तय करते। हर आर्मी चीफ, हर नेवी चीफ, और हर एयरफोर्स चीफ जेएनयू के पूर्व छात्र हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हमें ऑपरेशन सिंदूर पर गर्व है... सभी आत्मनिर्भर संस्थान जेएनयू के हैं, और सभी वैज्ञानिकों ने जेएनयू से पीएचडी की है। मैं चाहती हूं कि आप इस सकारात्मक पक्ष को देखें और इस 90 प्रतिशत को बढ़ावा दें। मैं अपने सभी स्टाफ, फैकल्टी और छात्रों को धन्यवाद देती हूं कि 24 घंटे के भीतर, जेएनयू ने वापसी की और साबित किया कि यह नैरेटिव जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी का नहीं है।"