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ज्ञानवापी मस्जिद और शाही ईदगाह विवाद: सुप्रीम कोर्ट का मध्यस्थता प्रस्ताव अस्वीकृत

सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा के शाही ईदगाह विवाद को आपसी बातचीत से सुलझाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे दोनों पक्षों ने ठुकरा दिया। वाराणसी में हुई बैठक में दोनों पक्षों ने अदालत में ही मामले को सुलझाने का निर्णय लिया। सर्वोच्च न्यायालय ने 'समाधान समारोह 2026' के तहत मध्यस्थता का प्रस्ताव रखा था, लेकिन किसी भी पक्ष ने सहमति नहीं दी। इस विवाद का समाधान अब अदालत में ही होगा।
 

सुप्रीम कोर्ट का प्रस्ताव


नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा के शाही ईदगाह विवाद को आपसी बातचीत के माध्यम से सुलझाने का सुझाव दिया था। हालांकि, दोनों पक्षों ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। दोनों पक्षों ने स्पष्ट किया है कि वे इस मुद्दे को अदालत में ही हल करेंगे। न्यायालय ने कहा था कि यदि दोनों पक्ष बातचीत के लिए सहमत होते हैं, तो इसे लोक अदालत में सुलझाया जा सकता है।


बैठक का परिणाम

सोमवार को वाराणसी में दोनों पक्षों की एक बैठक आयोजित की गई, लेकिन उन्होंने मध्यस्थता के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। यह मामला ज्ञानवापी मस्जिद, मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह के विवाद से संबंधित है। रिपोर्टों के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने इन मामलों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए 'समाधान समारोह 2026' के तहत एक पत्र भेजकर मध्यस्थता का प्रस्ताव रखा था, लेकिन किसी भी पक्ष ने इस पर सहमति नहीं दी।


समाधान समारोह की जानकारी

यह ध्यान देने योग्य है कि सर्वोच्च न्यायालय परिसर में 21 से 23 अगस्त तक 'समाधान समारोह' के तहत विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य लंबी कानूनी लड़ाई के बजाय बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना है। यदि दोनों पक्ष सहमत होते, तो अगस्त में लोक अदालत में इस मामले का निपटारा किया जा सकता था। ज्ञात हो कि बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर के निकट स्थित ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा है, और मथुरा में भी श्रीकृष्ण जन्मस्थान के पास शाही ईदगाह मस्जिद को लेकर विवाद है।