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झारखंड में छात्र नेता देवेंद्र महतो का पुलिस से टकराव: जानें पूरी कहानी

झारखंड में छात्र नेता देवेंद्र महतो ने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन करते हुए पुलिस के साथ टकराव किया। महतो, जो 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं, ने रांची के सदर अस्पताल से बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस घटना में उन्हें चोट आई। महतो ने सवाल उठाया कि उन्हें स्टेडियम जाने से क्यों रोका जा रहा है और उन्होंने चेतावनी दी कि बिना लिखित आदेश के रोकने पर वह एफआईआर दर्ज कराएंगे। जानें इस विवाद की पूरी कहानी।
 

रांची में छात्र कार्यकर्ता का विवाद


नई दिल्ली: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने शनिवार को रांची के सदर अस्पताल में पुलिस के साथ झगड़ा किया। महतो का कहना है कि जब वह स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए अस्पताल से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान हुई धक्का-मुक्की के कारण उन्हें सीने में चोट आई।


भूख हड़ताल का 23वां दिन

महतो 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं, और उनका आंदोलन अब 23वें दिन में प्रवेश कर चुका है। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें 10 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महतो झारखंड लोकतांत्रिक क्रांति मोर्चा (जेकेएलएम) से जुड़े हुए हैं।


घटना का वीडियो सामने आया

रांची: हॉस्पिटल में हाई वोल्टेज ड्रामा, देवेंद्र महतो और पुलिस में धक्का-मुक्की

झारखंड आंदोलन का 22वां दिन,आज रांची में छात्र तिरंगा रैली निकाल रहे हैं। इसी रैली में शामिल होने के लिए आंदोलनकारी नेता देवेंद्र महतो हॉस्पिटल से निकलना चाहते थे।

लेकिन प्रशासन ने "स्वास्थ्य… pic.twitter.com/y03XkhjjHA

— Sachin Verma🐦 (@itSachinverma) August 15, 2026


एक वीडियो में महतो को अस्पताल से बाहर निकलने का प्रयास करते हुए देखा जा सकता है, जबकि एक सुरक्षा अधिकारी उन्हें रोकने की कोशिश कर रहा है। जेकेएलएम के अन्य कार्यकर्ता भी वहां मौजूद थे और महतो को तिरंगा यात्रा में जाने की अनुमति देने की मांग कर रहे थे।


महतो ने उठाए सवाल

महतो ने यह सवाल उठाया कि उन्हें स्टेडियम जाने से क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि डॉक्टरों ने उन्हें बाहर जाने से मना किया है, तो उन्हें इसका लिखित प्रमाण दिखाया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना लिखित आदेश के रोकने पर वह संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे।


सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की

महतो ने सोशल मीडिया पर भी इस घटना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की में उनके सीने में चोट आई है और उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि भूख हड़ताल के कारण उनकी तबीयत खराब हो गई है।


जांच समिति का गठन

महतो ने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दबाव में एक जांच समिति का गठन किया गया है, और सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख दिखा रही है, लेकिन छात्रों को अभी तक पूरा न्याय नहीं मिला है। उनका आंदोलन झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ है। महतो ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से एकजुट रहने की अपील की है।