×

झारखंड में छात्रों का आंदोलन जारी, सरकार से वार्ता बेनतीजा

झारखंड में छात्रों का आंदोलन जारी है, जिसमें प्रदर्शनकारी छात्रों और सरकार के बीच वार्ता बेनतीजा रही है। छात्रों ने जेपीएससी की परीक्षा रद्द करने और धांधली की सीबीआई जांच की मांग की है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के साथ सरकार के चार मंत्रियों की बैठक भी हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई। आंदोलनकारी छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेरने का ऐलान किया है। इस बीच, मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
 

झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन


रांची में, प्रदर्शनकारी छात्रों और राज्य सरकार के बीच दो दिनों की वार्ता के बावजूद कोई सहमति नहीं बन पाई है। छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अपने आंदोलन को जारी रखने का निर्णय लिया है। भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो गुट के साथ शनिवार को चार मंत्रियों की बैठक हुई, लेकिन इसका कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। इससे पहले शुक्रवार को पीयूष कुमार गुट के साथ भी वार्ता हुई थी। छात्रों की मांग है कि जेपीएससी की 14वीं संयुक्त परीक्षा को रद्द किया जाए और परीक्षा में हुई धांधली की सीबीआई जांच कराई जाए।


छात्रों का आंदोलन और सरकार की प्रतिक्रिया

छात्रों का यह आंदोलन पिछले दो हफ्तों से जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा में धांधली के खिलाफ चल रहा है। सरकार ने छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों की एक समिति बनाई है, जिसमें सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, चामरा लिंडा और संजय यादव शामिल हैं। शनिवार को इन मंत्रियों ने छात्रों के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की, लेकिन यह भी बेनतीजा रही। प्रदर्शनकारी छात्रों में से छह सदस्य भूख हड़ताल पर हैं। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल रांची पहुंचा है, जो छात्रों के आंदोलन में शामिल होने का इरादा रखता है।


मुख्यमंत्री आवास का घेराव

शनिवार सुबह, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। आंदोलनकारी छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेरने का ऐलान किया है। इस बीच, जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। सर्वोच्च अदालत में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें छात्रों की चार मांगों को पूरा करने का आदेश देने की अपील की गई है। छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।