झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा विवाद पर सियासी हलचल
राजनीतिक घमासान के बीच छात्रों का आंदोलन
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है।
सोमवार को रांची में प्रदर्शन कर रहे बीजेपी के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी को पुलिस ने हिरासत में लिया। इस प्रदर्शन में कई अन्य बीजेपी नेता और कार्यकर्ता भी शामिल थे, जिन पर पुलिस ने कार्रवाई की।
बीजेपी ने जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ रांची में प्रदर्शन का आयोजन किया। पार्टी का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं का सीधा असर लाखों छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है।
बीजेपी नेताओं का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठने से छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा कराई जाए। बीजेपी का मानना है कि राज्य की एजेंसियों से जांच होने पर अभ्यर्थियों का भरोसा नहीं लौटेगा।
पार्टी के नेताओं का कहना है कि स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से जांच होने पर अनियमितताओं की असली तस्वीर सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।
प्रदर्शन के दौरान रांची की सड़कों पर बीजेपी नेताओं और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी।
प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने की कोशिश के बाद पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इसी दौरान बाबूलाल मरांडी को भी हिरासत में लिया गया।
बीजेपी ने बाबूलाल मरांडी की हिरासत के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास बताया है।
जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा विवाद अब केवल छात्रों के आंदोलन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह तेजी से राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। छात्र संगठन जहां अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं बीजेपी भी सीबीआई जांच की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बना रही है।