झारखंड में भाजपा की चुनावी तैयारी: पश्चिम बंगाल की जीत का असर
झारखंड में भाजपा की आतिशबाजी की योजना
पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों को लेकर कोलकाता में जो तैयारियां चल रही हैं, वैसी ही या उससे भी अधिक तैयारियां झारखंड में की जा रही हैं। खबरों के अनुसार, झारखंड भाजपा के नेताओं ने ट्रकों में भरकर पटाखे मंगवाए हैं। यदि भाजपा चुनाव जीतती है, तो आतिशबाजी की व्यापक योजना है। लेकिन सवाल यह है कि झारखंड भाजपा के नेता बंगाल में जीत पर इतनी बड़ी आतिशबाजी का आयोजन क्यों कर रहे हैं? इसका मुख्य कारण यह है कि उन्हें लगता है कि यदि बंगाल में भाजपा सफल होती है, तो झारखंड में भी उनकी सरकार बनने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।
हेमंत सोरेन और भाजपा का संभावित गठबंधन
यह ध्यान देने योग्य है कि भारतीय जनता पार्टी ने कुछ समय पहले इस दिशा में कदम उठाया था। कई स्रोतों से जानकारी मिली थी कि भाजपा के कुछ प्रतिनिधि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत कर रहे हैं। उन्हें यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि वे भाजपा के साथ गठबंधन कर लें। हालांकि, हेमंत सोरेन के पास आदिवासी, ईसाई और मुस्लिम समुदायों का एक मजबूत वोट बैंक है, जो भाजपा के साथ जाने पर बिखर सकता है।
फिर भी, कानूनी मामलों में राहत और राज्य के विकास के लिए केंद्रीय सहायता के नाम पर उन्हें तैयार किया जा रहा है। हाल ही में, वे रांची के सांसद संजय सेठ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने नरेंद्र मोदी की होर्डिंग्स के नीचे भाषण दिया। भाजपा का मानना है कि ममता बनर्जी की हार के बाद, हेमंत सोरेन को यह एहसास होगा कि वे भाजपा को झारखंड में जीतने से नहीं रोक सकते। इसलिए, वे भाजपा के साथ आकर कांग्रेस को पूरी तरह से समाप्त करने का प्रयास करेंगे।