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झारखंड में हाथी के हमले से मजदूर की मौत, स्थानीय लोगों में आक्रोश

झारखंड के रामगढ़ में एक जंगली हाथी ने एक मजदूर को कुचलकर मार डाला, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। घटना के बाद, मृतक के परिजनों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया और प्रशासन से सुरक्षा उपायों की मांग की। हाथियों के हमले ने न केवल एक जान ली, बल्कि आसपास के होटलों को भी नुकसान पहुंचाया। स्थानीय मुखिया ने हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीम की आवश्यकता बताई।
 

झारखंड में हाथी ने ली एक मजदूर की जान

झारखंड के रामगढ़ में हाथी का हमला: शुक्रवार की सुबह रजरप्पा मंदिर के पास एक दुखद घटना में जंगली हाथी ने एक मजदूर को कुचलकर मार डाला। इस घटना ने मृतक के परिवार और स्थानीय निवासियों में गुस्सा पैदा कर दिया, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।


यह घटना सुबह लगभग चार बजे जनिया मारा जंगल के निकट पिचि मोड़ पर हुई। मृतक, 52 वर्षीय मुस्ताक अंसारी, मुरपा गांव के निवासी थे और रोज की तरह रजरप्पा वाशरी में लोडिंग का काम करने जा रहे थे। इसी दौरान हाथियों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना पूरे क्षेत्र को हिला देने वाली थी।


हाथियों ने स्थानीय होटलों को भी किया नुकसान

हाथियों के इस झुंड ने केवल इंसानी जान नहीं ली, बल्कि आसपास के होटलों को भी नुकसान पहुंचाया। जनिया मारा में सरजू करमाली और अजय करमाली के होटलों को हाथियों ने तोड़फोड़ कर भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया।


स्थानीय लोगों का गुस्सा और वन विभाग पर सवाल

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और मृतक के परिजन घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए। उन्होंने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। स्थानीय मुखिया सुनीता देवी ने कहा कि वन विभाग को जंगल में हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक विशेष टीम बनानी चाहिए। उनका कहना था, "अगर समय पर कार्रवाई की जाए, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।"


मुआवजे और सुरक्षा की मांग

वन पर्यावरण सुरक्षा सह प्रबंधन समिति के केंद्रीय सचिव सुलेमान अंसारी ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर मार्ग पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाए ताकि रात और सुबह के समय लोगों को सुरक्षा मिल सके। भुचुंगडीह के समाजसेवी राजू महतो और समिति के अध्यक्ष ठाकुरदास महतो ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।


प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद

इस घटना ने रजरप्पा और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता अब प्रशासन और वन विभाग से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। मृतक के परिवार को मुआवजा और क्षेत्र में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग जोर पकड़ रही है।