झारखंड हाई कोर्ट ने परीक्षा रद्द करने के फैसले पर लगाई रोक
झारखंड सरकार का निर्णय और हाई कोर्ट का हस्तक्षेप
रांची में छात्रों के 25 दिनों के लगातार प्रदर्शन के बाद, झारखंड सरकार ने जेपीएससी और जेएसएससी की कई परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था। हालांकि, झारखंड हाई कोर्ट ने गुरुवार को इस निर्णय पर रोक लगा दी है। इससे उन अधिकारियों और कर्मचारियों को राहत मिली है जो इन परीक्षाओं में सफल होकर सरकारी नौकरी कर रहे थे।
हाई कोर्ट ने जेपीएससी परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगाते हुए सरकार से 15 सितंबर तक जवाब मांगा है। इसके साथ ही, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश पर भी रोक लगाई गई है। उल्लेखनीय है कि झारखंड सरकार ने 17 अगस्त को भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के कारण 22 परीक्षाएं रद्द की थीं।
रद्द की गई परीक्षाओं में जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा और जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा शामिल हैं। इन परीक्षाओं की जांच सीआईडी को सौंपी गई है। इन परीक्षाओं के आधार पर 2,394 अधिकारी विभिन्न विभागों में कार्यरत थे, और सरकार के निर्णय के बाद उनकी नियुक्तियां समाप्त मानी जा रही थीं। परीक्षा रद्द होने के बाद, नौकरी से हटाए गए अधिकारी धरने पर बैठे हैं।