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झुंझुनूं में सड़क निर्माण के दौरान करंट लगने से 8 श्रमिकों की मौत

राजस्थान के झुंझुनूं जिले में सड़क निर्माण के दौरान एक गंभीर हादसा हुआ, जिसमें 8 श्रमिकों की जान चली गई और 5 अन्य घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब एक मशीन हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जानें इस दर्दनाक घटना के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
 

झुंझुनूं में दर्दनाक हादसा


झुंझुनूं हादसा: राजस्थान के झुंझुनूं जिले में सोमवार को सड़क निर्माण के दौरान एक गंभीर दुर्घटना हुई। उदयपुरवाटी तहसील के छापोली गांव में काम कर रहे श्रमिक अचानक हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गए। निर्माण में उपयोग की जा रही बजरी मिलाने वाली मशीन बिजली के तारों से टकरा गई, जिससे उसमें करंट दौड़ गया। इस घटना में 8 श्रमिकों की जान चली गई, जबकि 5 अन्य घायल हो गए। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।


दुर्घटना का विवरण

पुलिस के अनुसार, छापोली गांव में कदम कुंड की ओर सड़क का निर्माण कार्य चल रहा था। इस दौरान बजरी मिलाने के लिए मशीन का उपयोग किया जा रहा था। मशीन जब हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आई, तो उसमें करंट फैल गया। इसके परिणामस्वरूप, आसपास काम कर रहे श्रमिक इसकी चपेट में आ गए। यह हादसा इतना भयानक था कि 8 श्रमिकों की मृत्यु हो गई और 5 अन्य झुलस गए। सभी मृतक स्थानीय निवासी थे।


ग्रामीणों का आक्रोश

हादसे की सूचना मिलते ही छापोली गांव और आस-पास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए। नाराज ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय विधायक और पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।


मुख्यमंत्री का बयान

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने झुंझुनूं हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर शोक संदेश जारी करते हुए मृतक श्रमिकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के उचित उपचार और प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश भी दिए हैं।


बिजली विभाग की जांच

हादसे के बाद बिजली लाइन और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा उपायों पर सवाल उठ रहे हैं। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सड़क का निर्माण जनसहयोग से किया जा रहा था। उन्होंने तकनीकी अधिकारियों को घटनास्थल का निरीक्षण करने और हादसे के कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। यदि किसी विभागीय लापरवाही की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।