टनकपुर-नांदेड़ एक्सप्रेस सेवा का शुभारंभ, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
नई रेल सेवा का उद्घाटन
टनकपुर: रेलवे और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के राज्य मंत्री एस. रवनीत सिंह ने आज 17631/17632 नांदेड़–टनकपुर–नांदेड़ साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इसे धार्मिक पर्यटन, क्षेत्रीय संपर्क और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम की अध्यक्षता की। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, जिनका संसदीय क्षेत्र टनकपुर है, भी इस समारोह में शामिल हुए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी वर्चुअल रूप से संबोधित किया।
धार्मिक स्थलों के बीच सीधा संपर्क
अपने संबोधन में एस. रवनीत सिंह ने कहा कि यह नई साप्ताहिक रेल सेवा माँ पूर्णागिरि धाम और सिख धर्म के पाँच तख्तों में से एक, श्री हजूर साहिब, नांदेड़ के बीच सीधा संपर्क स्थापित करती है। यह सेवा श्रद्धालुओं, पर्यटकों और आम यात्रियों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी, जिससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सुगम रेल संपर्क उपलब्ध होगा।
यह एक्सप्रेस ट्रेन हर रविवार को नांदेड़ से रवाना होकर मंगलवार सुबह टनकपुर पहुंचेगी, जबकि वापसी में मंगलवार को टनकपुर से प्रस्थान कर श्रद्धालुओं को दोनों धार्मिक स्थलों के बीच सीधी रेल सेवा प्रदान करेगी।
सिख समुदाय का योगदान
रवनीत सिंह ने कहा कि उत्तराखंड का सिख समुदाय का ऐतिहासिक संबंध रहा है। विशेषकर ऊधम सिंह नगर में निवास करने वाले सिखों ने स्वतंत्रता के बाद कृषि, आर्थिक विकास और सामाजिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह नई रेल सेवा पंजाब, उत्तराखंड और महाराष्ट्र के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को और मजबूत करेगी।
गुरुद्वारा में अरदास
इससे पहले, एस. रवनीत सिंह ने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेका। यह स्थल श्री गुरु नानक देव जी की पहली उदासी से जुड़ा हुआ है और सिख धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। उन्होंने देश की शांति और समृद्धि के लिए अरदास की और गुरु नानक देव जी के संदेश को समाज में सद्भाव और सेवा की प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक आधारभूत संरचना के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। प्रमुख धार्मिक स्थलों तक रेल संपर्क का विस्तार इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
नई रेल सेवा का महत्व
रवनीत सिंह ने इस नई रेल सेवा के शुभारंभ के लिए रेल मंत्रालय और उत्तराखंड सरकार को बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह ट्रेन श्रद्धालुओं, किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा साबित होगी, जिससे विभिन्न क्षेत्रों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।