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ट्रंप और शी जिनपिंग की व्हाइट हाउस में महत्वपूर्ण मुलाकात

डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की व्हाइट हाउस में मुलाकात ने अमेरिका-चीन संबंधों में महत्वपूर्ण मोड़ लाया है। दोनों नेताओं ने व्यापार, तकनीक, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर चर्चा की। ट्रंप ने इसे 'बेहद अच्छी दोस्ती' बताया, जबकि शी ने प्रतिस्पर्धा को स्वस्थ रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। जानें इस मुलाकात के प्रमुख बिंदु और इसके वैश्विक प्रभाव।
 

ट्रंप और शी की ऐतिहासिक मुलाकात


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में मुलाकात की, जो दोनों देशों के बीच चल रहे मतभेदों के बीच हुई। यह शी जिनपिंग की एक दशक से अधिक समय बाद पहली यात्रा है। दोनों नेताओं ने प्रारंभिक बातचीत में टकराव से बचने, संवाद बनाए रखने और सहयोग के अवसरों की खोज पर जोर दिया। इस बैठक में व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), तकनीकी मुद्दे, ताइवान और दोनों देशों की सेनाओं के बीच संवाद जैसे संवेदनशील विषय शामिल थे। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब वॉशिंगटन और बीजिंग आर्थिक और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ कई रणनीतिक मुद्दों पर भिन्न दृष्टिकोण रखते हैं।


ट्रंप का दोस्ताना संदेश

व्हाइट हाउस में इस मुलाकात के दौरान, ट्रंप ने शी जिनपिंग के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का उल्लेख करते हुए इसे 'बेहद अच्छी दोस्ती' करार दिया। उन्होंने कहा कि यह संबंध 2016 में उनके राष्ट्रपति बनने के बाद से विकसित हुआ है। ट्रंप ने अमेरिका और चीन के बीच सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दोनों देशों के सहयोग का उदाहरण देते हुए कहा कि वे एक बेहतर भविष्य के लिए एक साथ काम कर सकते हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच कई जटिल मुद्दे अभी भी मौजूद हैं।


शी जिनपिंग का दृष्टिकोण

शी जिनपिंग ने कहा कि अमेरिका और चीन को शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए और प्रतिस्पर्धा को स्वस्थ और सीमित रखना चाहिए। उन्होंने इस रिश्ते की तुलना एक रेस से की, जिसमें दोनों पक्षों को आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए, न कि एक-दूसरे को हराने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने 'थ्यूसीडाइड्स ट्रैप' का उल्लेख किया, जो उभरती और स्थापित शक्तियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण गंभीर टकराव के जोखिम को दर्शाता है।


AI पर चर्चा

बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी एक प्रमुख विषय रहा। शी ने कहा कि अमेरिका और चीन AI के क्षेत्र में अग्रणी हैं और उन्हें इस तकनीक के विकास को मानव हित में सुनिश्चित करना चाहिए। ट्रंप ने AI को 'सुपर इंटेलिजेंस' बताते हुए इसे अपनी और शी की बातचीत का एक महत्वपूर्ण विषय बताया। दोनों देशों के बीच AI तकनीक, उन्नत चिप्स और कंप्यूटिंग क्षमता पर पहले से ही प्रतिस्पर्धा चल रही है।


शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा का महत्व

चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर तक ट्रंप के निमंत्रण पर अमेरिका की राजकीय यात्रा पर हैं। व्हाइट हाउस ने भी पुष्टि की है कि यह एक दशक से अधिक समय बाद उनकी पहली यात्रा है। ट्रंप-शी की यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश व्यापार और तकनीक में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, लेकिन साथ ही वे अपने रिश्तों को टकराव से बचाने के लिए संवाद बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।