×

ट्रंप का ईरान पर सख्त रुख, बातचीत का आखिरी मौका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत के संकेत दिए हैं, जिसमें उन्होंने कहा कि यह अंतिम अवसर हो सकता है। हालांकि, ईरान ने इन दावों को खारिज कर दिया है। ट्रंप ने ईरान को दो विकल्प दिए हैं—समझौता करना या आत्मसमर्पण करना। जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
 

ट्रंप का ईरान के साथ बातचीत का संकेत

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत जल्द ही किसी नतीजे पर पहुँच सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को मंगलवार तक पूरी तरह से खोल दिया जाएगा।


ट्रंप ने बताया कि यह प्रक्रिया का पहला चरण होगा, जबकि दूसरे चरण में परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका का रुख स्पष्ट और कठोर है, और ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने कहा कि वार्ता अभी भी जारी है और यह ईरान के लिए एक अच्छे समझौते पर पहुँचने का अंतिम अवसर है।


हालांकि, ईरान ने ट्रंप के इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि न तो किसी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया जाएगा और न ही वार्ता के लिए किसी को भेजने की योजना है।


इससे पहले, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ईरान के सामने दो विकल्प रखे थे—समझौता करना या पूरी तरह आत्मसमर्पण करना। उन्होंने ईरानी नेतृत्व पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान पहले बातचीत के लिए तैयार था, लेकिन बाद में इससे मुकर गया।


ट्रंप ने अपने बयान में लिखा कि चाहे ईरान इसे स्वीकार करे या नहीं, लेकिन दोनों देशों के बीच दशकों से चली आ रही समस्या के समाधान पर चर्चा हो रही है।


होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ट्रंप ने ईरान के दावों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह रणनीतिक समुद्री मार्ग पहले से ही अमेरिकी नौसेना के नियंत्रण में है और यहाँ से होने वाली आवाजाही अमेरिका की अनुमति पर निर्भर करेगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि जब तक कोई समझौता नहीं होता या ईरान पूरी तरह आत्मसमर्पण नहीं करता, तब तक उसकी ओर किसी भी प्रकार की आपूर्ति नहीं होने दी जाएगी।