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ट्रंप का दावा: ईरान-इजरायल विवाद का समाधान जल्द होगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और इजरायल के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने का बड़ा दावा किया है। उन्होंने खुद को समस्या सुलझाने वाला बताया और कहा कि वे इस मुद्दे को जल्दी सुलझा लेंगे। साथ ही, ट्रंप ने ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर की ऊर्जा क्षेत्र में गलतियों की आलोचना की। नेतन्याहू ने भी ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकने का कड़ा रुख अपनाया है। इस लेख में ट्रंप के बयानों और उनके प्रभावों पर चर्चा की गई है।
 

समस्या सुलझाने का दावा


कहा, मैं प्रॉब्लम सॉल्वर हूं, इसे भी सॉल्व करूंगा


West Asia Crisis, वॉशिंगटन : अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में प्रगति हो रही है, जबकि इजरायल ईरान समर्थित हिजबुल्ला पर हमले जारी रखे हुए है। इससे ईरान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ रहा है, जो अमेरिका-ईरान वार्ता को प्रभावित कर सकता है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और इजरायल के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने का बड़ा दावा किया है।


जब ट्रंप से पूछा गया कि वे इजरायली पीएम को अमेरिका-ईरान बातचीत में बाधा डालने से कैसे रोकेंगे, तो उन्होंने खुद को समस्या सुलझाने वाला बताया। ट्रंप ने कहा कि वे अपनी योजना का खुलासा नहीं करेंगे, लेकिन इस समस्या को जल्दी सुलझा लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे बीबी (नेतन्याहू) से जुड़े मामलों को भी सुलझा लेंगे। ट्रंप का यह बयान नेतन्याहू के हालिया बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि इजरायली सेना लेबनान में बनी रहेगी।


ब्रिटेन पीएम की आलोचना

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के इस्तीफे पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने स्टार्मर की आलोचना की क्योंकि उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में कई गलतियां कीं। उनके अनुसार, ब्रिटेन ने हर जगह पवन चक्कियां लगा दी हैं, जबकि उत्तरी सागर में तेल का बड़ा भंडार मौजूद है। पर्यावरण के नाम पर वहां तेल निकालने की अनुमति नहीं दी गई, जो एक गलत निर्णय था।


ट्रंप ने नाटो के मुद्दे पर भी स्टार्मर की भूमिका को नकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि स्टार्मर ने कुछ हफ्तों के लिए एक द्वीप का उपयोग करने से मना कर दिया था, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। ट्रंप ने कहा कि स्टार्मर के सामने तीन बड़ी चुनौतियां थीं - ऊर्जा संकट, अवैध प्रवासियों का आना और बढ़ता अपराध। इन समस्याओं को न संभाल पाने के कारण उनकी विफलता हुई। हालांकि, ट्रंप ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।


नेतन्याहू का कड़ा रुख

ट्रंप के बयानों से पहले इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ईरान और लेबनान के संबंध में कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जब तक वे प्रधानमंत्री हैं, ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि चाहे कोई समझौता हो या न हो, वे ईरान को परमाणु शक्ति नहीं बनने देंगे।